Sunday, July 19, 2026
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संसद सत्र से पहले सियासी भूचाल: TMC और शिवसेना (UBT) में बड़ी टूट, स्पीकर की मंजूरी के बाद NCPI बनी 5वीं सबसे बड़ी पार्टी, सर्वदलीय बैठक में बुलावा

संसद सत्र से पहले सियासी भूचाल: TMC और शिवसेना (UBT) में बड़ी टूट, स्पीकर की मंजूरी के बाद NCPI बनी 5वीं सबसे बड़ी पार्टी, सर्वदलीय बैठक में बुलावा

​संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले देश की राजनीति में एक बहुत बड़ा उलटफेर सामने आया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (UBT) से अलग हुए सांसदों के अन्य दलों में विलय को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद, ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (NCPI) को केंद्र सरकार द्वारा रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल होने का आधिकारिक न्योता भेजा गया है।

​लोकसभा अध्यक्ष ने दी विलय को मंजूरी, बदली सदनों की स्थिति

​लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर NCPI में शामिल होने वाले 20 सांसदों और शिवसेना (UBT) छोड़कर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने वाले 6 सांसदों के विलय को विधिवत हरी झंडी दे दी है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद संसद की दलीय स्थिति पूरी तरह बदल गई है:

​NCPI बनी 5वीं सबसे बड़ी पार्टी: लोकसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर अब इन 20 सांसदों के नाम के आगे NCPI दर्ज होगा, जिससे यह सदन में पांचवीं सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बन गई है।

​TMC और शिवसेना (UBT) को भारी नुकसान: इस बगावत के बाद ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी (TMC) की सदस्य संख्या 28 से घटकर महज 8 रह गई है। वहीं, उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना (UBT) की संख्या घटकर सिर्फ 3 रह गई है।

​शिंदे गुट हुआ मजबूत: दूसरी तरफ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना की लोकसभा में ताकत बढ़कर 13 सांसद हो गई है।

​सुदीप बंद्योपाध्याय होंगे लोकसभा में नेता, शताब्दी रॉय उपनेता

​TMC नेतृत्व के खिलाफ पिछले महीने बगावत करने वाले पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय और काकोली घोष दस्तीदार ने अन्य 18 सांसदों के साथ सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की थी। इस दौरान नए संसद भवन में पार्टी कार्यालय आवंटित करने और सदन में बैठने की व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई।

​पार्टी ने संसद के भीतर अपनी नई टीम की घोषणा कर दी है:

​सदन के नेता: सुदीप बंद्योपाध्याय

​उपनेता: शताब्दी रॉय

​मुख्य सचेतक (Chief Whip): काकोली घोष दस्तीदार

​स्पीकर द्वारा औपचारिक मान्यता मिलने के तुरंत बाद ही, संसदीय कार्य मंत्रालय ने रविवार की सर्वदलीय बैठक के लिए सुदीप बंद्योपाध्याय और काकोली घोष को आमंत्रित किया है।

​NDA संसदीय दल की बैठक का बदला नाम, अब कहलाएगी ‘मंगल मिलन’

​इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से भी एक दिलचस्प खबर सामने आई है। केंद्र में सत्तारूढ़ एनडीए के संसदीय दल की बैठकों का नाम अब बदलकर ‘मंगल मिलन’ कर दिया गया है। चूंकि गठबंधन के सभी सांसदों की यह रणनीतिक बैठक आमतौर पर मंगलवार को आयोजित की जाती है, इसलिए इसे यह नया नाम दिया गया है।

​21 जुलाई को पहली बैठक: मानसून सत्र शुरू होने के ठीक अगले दिन, यानी मंगलवार 21 जुलाई 2026 को संसद भवन परिसर में पहले ‘मंगल मिलन’ का आयोजन किया जाएगा।

​कैबिनेट में हुई चर्चा: सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भी इस नामकरण पर अनौपचारिक चर्चा हुई थी, जहां सभी मंत्रियों को इस बदलाव से अवगत कराया गया। नवगठित NCPI भी इस बैठक में एनडीए के एक मजबूत घटक दल के रूप में शामिल होगी।

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