सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर सियासी उबाल: राहुल गांधी और शरद पवार ने सरकार को घेरा, संसद में मुद्दा उठाने का एलान
सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर सियासी उबाल: राहुल गांधी और शरद पवार ने सरकार को घेरा, संसद में मुद्दा उठाने का एलान
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को शनिवार (18 जुलाई 2026) की सुबह दिल्ली पुलिस द्वारा हटाकर अस्पताल ले जाए जाने के बाद देश की सियासत गरमा गई है। विपक्ष के तमाम बड़े नेताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार पर कड़ा निशाना साधा है।
मोदी सरकार के मुख्य सिद्धांत असत्य और हिंसा हैं: राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोनम वांगचुक के समर्थन में सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने सरकार की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए लिखा:
”मोदी सरकार के मुख्य सिद्धांत असत्य और हिंसा हैं। अहिंसक भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाना पूरी तरह गलत है। पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या भारत के भविष्य के लिए बेहद गंभीर मुद्दे हैं।”
राहुल गांधी ने छात्रों और युवाओं के हक में आवाज बुलंद करते हुए आगे कहा, “कोई भी ताकत भारत के छात्रों और हममें से उन लोगों को, जो उनसे प्यार करते हैं और उनमें विश्वास रखते हैं, इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती।”
सरकार सिर्फ तमाशबीन बनी रही: शरद पवार
एनसीपी (SP) के प्रमुख शरद पवार ने भी जंतर-मंतर पर हुए इस घटनाक्रम पर सरकार के रवैये की आलोचना की है। एनसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनीश गवांडे द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में शरद पवार बारामती से इस मुद्दे पर बोलते नजर आए।
शरद पवार ने कहा, “जब सोनम वांगचुक के समर्थन में दूसरी राजनीतिक पार्टियां आईं, तो सरकार सिर्फ तमाशबीन बनी रही। सुप्रिया सुले सहित कांग्रेस और एनसीपी (SP) के कई नेताओं ने जंतर-मंतर जाकर एक जैसी मांग रखी थी।”
अनीश गवांडे ने पोस्ट में आगे लिखा कि यह मांग पूरी तरह जायज है और छात्रों के सुनहरे भविष्य के लिए है। लेकिन दिल्ली में होने के बावजूद सरकार का कोई भी नुमाइंदा या नेता विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर छात्रों से बात करने नहीं गया, जो यह साफ दर्शाता है कि सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर कितनी गैर-जिम्मेदार है। उन्होंने एलान किया कि सोनम वांगचुक के खिलाफ हुई इस कार्रवाई के बावजूद यह विरोध-प्रदर्शन थमेगा नहीं और संसद के आगामी सत्र में भी इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
शनिवार सुबह जंतर-मंतर पर हुआ था भारी बवाल
गौरतलब है कि नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों की समस्याओं को लेकर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस सफदरजंग अस्पताल ले गई। पुलिस का कहना है कि हाई कोर्ट के आदेश और डॉक्टरों की सलाह पर वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए यह कदम उठाया गया।
हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान प्रदर्शन स्थल पर भारी बवाल और अफरातफरी देखने को मिली। आंदोलन से जुड़े कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और सोनम वांगचुक को उनकी इच्छा के विरुद्ध जबरन वहां से उठा ले गई। विपक्ष अब इस मुद्दे को लेकर सरकार पर पूरी तरह हमलावर है।
