पंजाब पुलिस का SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा गिरफ्तार: FBI के अंतरराष्ट्रीय उगाही नेटवर्क और गैंगस्टरों से साठगांठ का खुलासा
पंजाब पुलिस का SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा गिरफ्तार: FBI के अंतरराष्ट्रीय उगाही नेटवर्क और गैंगस्टरों से साठगांठ का खुलासा
पंजाब पुलिस के एक इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी ने पूरे पुलिस महकमे और कानून व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। होशियारपुर जिले के टांडा थाने के तत्कालीन SHO (थाना प्रभारी) गुरिंदरजीत सिंह नागरा को पंजाब पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय उगाही मामले में गिरफ्तार किया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नागरा का नाम अमेरिका की शीर्ष जांच एजेंसी FBI द्वारा उजागर किए गए एक ट्रांसनेशनल (अंतरराष्ट्रीय) संगठित अपराध नेटवर्क में शामिल है। आरोप है कि उन्होंने अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के एक परिवार को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपये की उगाही की।
कौन हैं गुरिंदरजीत सिंह नागरा?
गुरिंदरजीत सिंह नागरा पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी हैं और होशियारपुर के टांडा पुलिस स्टेशन में SHO के पद पर तैनात थे। लंबे समय तक पुलिस सेवा में रहने वाले नागरा तब वैश्विक सुर्खियों में आ गए, जब अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय जबरन वसूली और संगठित अपराध नेटवर्क में आरोपी के रूप में नामित किया। FBI की चार्जशीट के अनुसार, नागरा ने पंजाब के कुख्यात गैंगस्टरों के साथ मिलकर विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों को निशाना बनाना शुरू किया था।
क्या है पूरा मामला?
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत जनवरी 2026 में होशियारपुर के मियानी गांव में एक हार्डवेयर कारोबारी बलविंदर सिंह की हत्या से हुई थी।
साजिश का ताना-बाना: इस हत्या के मामले में अमेरिका में रह रहे कारोबारी के रिश्तेदार चरणजीत सिंह चन्नी को कथित तौर पर नामजद किया गया।
झूठे केस की धमकी: इसी हत्या के केस को हथियार बनाकर अमेरिका के लॉस एंजिलिस में रहने वाले परिवार पर दबाव बनाया गया। उन्हें धमकी दी गई कि यदि भारी-भरकम रकम नहीं दी गई, तो पंजाब में मौजूद उनके अन्य रिश्तेदारों को गंभीर और झूठे आपराधिक मामलों में फंसाकर जेल भेज दिया जाएगा।
FBI के आरोपपत्र में क्या है?
अमेरिका में दर्ज 44 पन्नों के आधिकारिक आरोपपत्र (चार्जशीट) के अनुसार, इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा कथित तौर पर भारत के कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े नेटवर्क के सीधे संपर्क में थे।
4 लाख डॉलर की उगाही की कोशिश: FBI का आरोप है कि अमेरिका में रह रहे इस पीड़ित परिवार से लगभग 4 लाख डॉलर (करीब 3.8 करोड़ रुपये) वसूलने की पूरी साजिश रची गई थी।
वैश्विक सिंडिकेट: आरोपपत्र में साफ कहा गया है कि यह नेटवर्क सिर्फ उगाही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हत्या, मादक पदार्थों (ड्रग्स) की तस्करी, अपहरण, अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री और संगठित अपराधों में संलिप्त था।
पंजाब पुलिस की आंतरिक जांच और गिरफ्तारी
FBI के इस बड़े खुलासे के बाद पंजाब पुलिस ने आंतरिक जांच शुरू की, जिसकी कमान जालंधर ग्रामीण पुलिस में तैनात IPS अधिकारी विनीत अहलावत को सौंपी गई।
जांच के मुख्य बिंदु: पुलिस जांच में तकनीकी विश्लेषण, वित्तीय लेन-देन (मनी ट्रेल) और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर यह साबित हुआ कि नागरा ने अमेरिकी परिवार से करीब 16 लाख रुपये की अवैध वसूली (रिश्वत/उगाही) की थी। इसके पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद शुक्रवार शाम नागरा को गिरफ्तार कर लिया गया।
आगे की कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तारी के तुरंत बाद इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को सेवा से निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब नागरा को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी ताकि गैंगस्टरों और इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के साथ उनके अन्य संपर्कों का पूरी तरह पर्दाफाश किया जा सके।
क्या है FBI का ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’?
यह पूरी कार्रवाई FBI के ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत की गई है। इस जांच में सामने आया है कि इस अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क की जड़ें भारत, अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड तक फैली हुई हैं। वैश्विक स्तर पर की गई इस कार्रवाई में अब तक 24 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कई अन्य बड़े अपराधी अभी भी फरार हैं। पंजाब पुलिस के किसी अधिकारी का नाम सीधे तौर पर FBI की जांच में आने का यह पहला और बेहद गंभीर मामला है।
