खाड़ी में अमेरिका-ईरान के बीच भीषण सैन्य टकराव: मिसाइल और ड्रोन हमलों से बढ़ा तनाव, $86 के पार पहुंचा कच्चा तेल
खाड़ी में अमेरिका-ईरान के बीच भीषण सैन्य टकराव: मिसाइल और ड्रोन हमलों से बढ़ा तनाव, $86 के पार पहुंचा कच्चा तेल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के कारण खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर तनाव फैल गया है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में दोनों देशों की सैन्य गतिविधियां चरम पर पहुंच गई हैं। अस्थायी सीजफायर के टूटने के बाद शनिवार को भी दोनों ओर से एक-दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन से भीषण हमले जारी रहे। इस संघर्ष का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 86 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है।
ईरान की IRGC ने अमेरिकी सहयोगियों को दी बड़ी चेतावनी
ईरान की अर्ध-सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने उन सभी देशों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है जहां अमेरिकी सैन्य बल मौजूद हैं। IRGC ने कहा है कि जिन देशों ने अपने क्षेत्रों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए होने दिया है, वे ‘उचित जवाबी कार्रवाई’ के लिए तैयार रहें। संगठन ने इन देशों से अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, सिविल डिफेंस यूनिट्स को सक्रिय करने और लोगों को संभावित सैन्य ठिकानों से दूर ले जाने को कहा है।
कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा
अपनी चेतावनी के तहत पहले कदम का दावा करते हुए IRGC ने कहा कि उसने कुवैत स्थित ‘कैंप अरिफजान’ में अमेरिकी सैन्य लॉजिस्टिक केंद्र पर ड्रोन और मिसाइलों से बड़ा हमला किया है। संगठन का दावा है कि इस हमले में कुछ सैन्यकर्मी हताहत हुए हैं। इसके साथ ही ईरान ने कुवैत के ‘अली अल सलेम एयर बेस’ को भी निशाना बनाने का दावा किया, जिससे वहां की रडार प्रणाली निष्क्रिय हो गई और हथियारों के हैंगर व ड्रोन सुविधा नष्ट हो गई। हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
अमेरिका का ईरान के रक्षा ठिकानों पर लगातार सातवीं रात हवाई हमला
दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ लगातार सातवीं रात अपना हवाई अभियान जारी रखा। अमेरिकी हमलों में ईरान के रक्षा ठिकानों, निगरानी केंद्रों, सैन्य लॉजिस्टिक ढांचे, भूमिगत हथियार भंडारों और उनकी समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया है।
कुवैत में मिसाइलें ढेर, बहरीन में बजे सायरन
ईरान के इन हमलों के जवाब में खाड़ी के अन्य देशों में भी हड़कंप मचा हुआ है। कुवैत ने शनिवार को आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उसने ईरान की ओर से दागी गई कई मिसाइलों और ड्रोन को बीच रास्ते में ही मार गिराया। वहीं, पड़ोसी देश बहरीन ने बिगड़ते हालात को देखते हुए अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी इस जंग के चलते जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई है, जिससे वैश्विक व्यापार संकट में आ गया है।
