Saturday, July 18, 2026
Latest:
मनोरंजन

जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने पर भड़के मनोरंजन जगत के सितारे, पुलिस एक्शन की कड़ी आलोचना

जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने पर भड़के मनोरंजन जगत के सितारे, पुलिस एक्शन की कड़ी आलोचना

​दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस शनिवार सुबह सफदरजंग अस्पताल ले गई। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद से सोशल मीडिया पर आक्रोश देखने को मिल रहा है। मनोरंजन जगत के कई मशहूर सेलेब्स ने पुलिस के इस एक्शन पर गहरा गुस्सा जाहिर करते हुए सरकार और प्रशासन की कड़ी आलोचना की है।

​क्या आपने कभी ऐसी कायरता देखी है?: विशाल डडलानी

​मशहूर म्यूजिक कंपोजर विशाल डडलानी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर सरकार की इस कार्रवाई पर अपनी तीखी नाराजगी जाहिर की। वीडियो में वे कहते नजर आ रहे हैं, “क्या आपने कभी ऐसी कायरता देखी है? सोनम वांगचुक को जबरदस्ती ले गए। देशवासियों आप कब जागेंगे? अगर अभी नहीं जागेंगे, तो कब जागेंगे? काश मैं किसी तरह मदद करने के लिए वहां होता।”

​दुनिया एक कायर सरकार देख रही है: प्रकाश राज

​वरिष्ठ और जाने-माने अभिनेता प्रकाश राज ने भी केंद्र सरकार की इस कार्रवाई और प्रदर्शन पर कथित सख्ती की जमकर आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर एक नोट शेयर करते हुए लिखा, “दुनिया एक कायर सरकार देख रही है, जो युवाओं से बातचीत नहीं करना चाहती, बल्कि तानाशाहों की तरह बर्ताव करना चाहती है। सोनम वांगचुक को जबरदस्ती ले जाना और स्टूडेंट्स के शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट में रुकावट डालना डर की निशानी है।”

​कल हमारी आवाज भी दबाई जा सकती है: कुनिका सदानंद

​अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने भी इंस्टाग्राम के माध्यम से इस गंभीर मुद्दे पर अपनी राय रखी। उन्होंने एक वीडियो जारी करते हुए लिखा, “आज जंतर-मंतर पर जो कुछ हुआ, वह हर उस नागरिक के लिए चिंता का विषय होना चाहिए, जो लोकतंत्र में विश्वास रखता है। लोकतंत्र सिर्फ चुनाव कराने का नाम नहीं है। यह अपनी बात रखने, सवाल पूछने, शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने और अपनी आवाज सुने जाने के अधिकार का भी नाम है। जब शांतिपूर्ण विरोध का जवाब बातचीत के बजाय बल प्रयोग से दिया जाता है, तो हमें खुद से पूछना चाहिए कि क्या हम सच में लोगों की बात सुन रहे हैं?”

​उन्होंने आगे चेतावनी भरे लहजे में लिखा, “आप किसी प्रदर्शन से सहमत हो सकते हैं या असहमत, लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है। आज उनकी आवाज दबाई जा रही है, कल हमारी भी हो सकती है। लोकतंत्र तभी मजबूत रहता है, जब लोगों को अपनी बात कहने की आजादी मिले, न कि उन्हें चुप करा दिया जाए।”

​यह किसी स्टैंडअप कॉमेडी जैसा लगता है: आर्य बब्बर

​अभिनेता राज बब्बर के बेटे और अभिनेता आर्य बब्बर ने भी इंस्टाग्राम के जरिए इस पूरे घटनाक्रम पर गहरा क्षोभ प्रकट किया है। उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए कहा, “सोनम वांगचुक को तकनीकी आधार पर हिरासत में लिया गया है। यह किसी स्टैंडअप कॉमेडी जैसा लगता है, हम एक लोकतांत्रिक देश में रहते हैं।”

​आर्य बब्बर ने पोस्ट में आगे लिखा, “जो लोग यह कह रहे हैं कि उन्हें अगवा नहीं किया गया, बल्कि अस्पताल ले जाया गया, उनसे मेरी अपील है कि पहले यह समझें कि दिल्ली पुलिस उन्हें उनकी इच्छा के खिलाफ क्यों लेकर गई। मेरी नजर में इसे जबरन ले जाना कहा जा सकता है, क्योंकि उन्हें उनका भूख हड़ताल खत्म कराने के लिए उनकी इच्छा के विरुद्ध वहां से हटाया गया। बड़ा सवाल यह नहीं है कि उन्हें कहां ले जाया गया, बल्कि यह है कि किसी शांतिपूर्ण प्रदर्शन को उनकी इच्छा के खिलाफ खत्म करने का अधिकार किसने दिया?”

​संविधान का हवाला देते हुए आर्य ने लिखा, “संविधान का अनुच्छेद 19 नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने और संगठन बनाने का अधिकार देता है, हालांकि ये अधिकार कानून के तहत तय उचित प्रतिबंधों के अधीन हैं। क्या सोनम वांगचुक ने खुद अस्पताल ले जाने की इच्छा जताई थी? अगर नहीं, तो यह सवाल उठता है कि यह फैसला किसने लिया और क्यों? तथ्यों को पढ़िए, सवाल पूछिए, सोचिए और फिर अपनी राय बनाइए।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *