भनियावाला-ऋषिकेश सड़क चौड़ीकरण: राहुल गांधी ने आधी रात आंदोलन स्थल पहुंचकर सबको चौंकाया, संसद में उठाएंगे 3000 पेड़ों का मुद्दा
भनियावाला-ऋषिकेश सड़क चौड़ीकरण: राहुल गांधी ने आधी रात आंदोलन स्थल पहुंचकर सबको चौंकाया, संसद में उठाएंगे 3000 पेड़ों का मुद्दा
उत्तराखंड के भनियावाला और ऋषिकेश के बीच प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए लगभग 3,000 पेड़ों को काटे जाने का विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर गरमा गया है। स्थानीय नागरिकों और पर्यावरणविदों द्वारा पिछले कई दिनों से किया जा रहा यह विरोध प्रदर्शन अब पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। देहरादून दौरे पर आए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अचानक देर रात आंदोलन स्थल पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की, जिसके बाद सूबे की सियासत में भूचाल आ गया है।
इस बढ़ते जन-आक्रोश और राजनीतिक दबाव के बीच सरकार ने फिलहाल पेड़ों के कटान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
एयरपोर्ट जाने के बजाय सीधे प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे राहुल गांधी
यह पूरा वाकया शुक्रवार रात का है, जब राहुल गांधी देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद देर रात जब उनका काफिला सड़क मार्ग से देहरादून (जौलीग्रांट) एयरपोर्ट की तरफ बढ़ रहा था, तब उन्होंने अचानक अपना रूट बदल दिया। राहुल गांधी एयरपोर्ट न जाकर सीधे भनियावाला-ऋषिकेश मार्ग पर चल रहे आंदोलन स्थल पर पहुंच गए, जिससे वहां मौजूद आंदोलनकारी और पुलिस-प्रशासनिक अमला हैरान रह गया।
राहुल गांधी ने वहां पेड़ कटान का विरोध कर रहे लोगों के साथ जमीन पर बैठकर उनसे इस पूरी परियोजना और पर्यावरण को होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से बातचीत की।
’बच्चों तक को हिरासत में लिया जा रहा है’: शालू भाटिया राहुल के सामने हुईं भावुक
मुलाकात के दौरान आंदोलन का नेतृत्व कर रही प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता शालू भाटिया ने राहुल गांधी के सामने प्रदर्शनकारियों का पक्ष रखा। अपनी बात कहते-कहते वे भावुक भी हो गईं।
प्रशासनिक उत्पीड़न का आरोप: शालू भाटिया ने आरोप लगाया, “हमारा यह आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अहिंसक है। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन और पुलिस हम पर लगातार मानसिक दबाव बना रही है। प्रदर्शन में शामिल आम लोगों को परेशान किया जा रहा है, कई पर्यावरण प्रेमियों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं, और हद तो यह है कि बच्चों तक को हिरासत में लेने जैसी दंडात्मक कार्रवाई की गई है।”
गैर-राजनीतिक लड़ाई: आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल के फायदे के लिए नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के अनमोल पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य को बचाने की एक जिद है।
संसद में गूंजेगा उत्तराखंड के पर्यावरण का मुद्दा, राहुल ने दिया भरोसा
आंदोलनकारियों की समस्याओं और पर्यावरण को होने वाले भारी नुकसान की बात सुनकर राहुल गांधी ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे इस लड़ाई में उनके साथ हैं।
राहुल गांधी ने कहा: “विकास और पर्यावरण के बीच एक सही संतुलन होना बेहद जरूरी है। विकास के नाम पर प्रकृति का इस तरह विनाश स्वीकार नहीं किया जा सकता। मैं इस पूरे मामले और सड़क परियोजना का गहराई से अध्ययन करूंगा और आने वाले संसद सत्र में 3000 पेड़ों के कटान का यह गंभीर मुद्दा पूरी ताकत से उठाऊंगा।”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को सौंपी विस्तृत रिपोर्ट बनाने की जिम्मेदारी
राहुल गांधी की इस औचक मुलाकात के बाद उत्तराखंड कांग्रेस भी पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। मीडिया से बातचीत के दौरान उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि राहुल गांधी ने इस विषय को बेहद गंभीरता से लिया है।
गोदियाल ने कहा, “राहुल गांधी जी ने मुझे इस पूरे मामले पर एक विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट (Detailed Fact Note) तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि इस रिपोर्ट में सड़क परियोजना की वास्तविक आवश्यकता, पर्यावरण पर पड़ने वाला इसका प्रतिकूल प्रभाव, काटे जाने वाले पेड़ों की स्थिति, स्थानीय जनता की आपत्तियां और पुलिस प्रशासन द्वारा आंदोलनकारियों पर की गई दंडात्मक कार्रवाई से जुड़े सभी तथ्यों को शामिल किया जाए।”
यह रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही राहुल गांधी को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर वे संसद में केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति तैयार करेंगे।
