नैनीताल में रहस्यमयी पत्थरबाजी से दहशत: 11 दिनों से हर रात छतों पर बरस रहे पत्थर, पुलिस की कॉम्बिंग बेअसर
नैनीताल में रहस्यमयी पत्थरबाजी से दहशत: 11 दिनों से हर रात छतों पर बरस रहे पत्थर, पुलिस की कॉम्बिंग बेअसर
उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल के जिला पंचायत और अपर मॉल रोड क्षेत्र से एक बेहद हैरान और डराने वाला मामला सामने आया है। पिछले करीब 10–11 दिनों से इस इलाके में हो रही रहस्यमयी पत्थरबाजी के कारण स्थानीय लोग भारी दहशत और खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं।
हालात यह हैं कि हर रात ठीक 8 बजे के बाद अचानक घरों की छतों पर पत्थरों की बौछार शुरू हो जाती है, जो देर रात 12 से 1 बजे तक लगातार जारी रहती है।
शाम ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर परिवार
स्थानीय निवासियों के अनुसार, शुरुआत में इसे किसी शरारती तत्व की आम हरकत मानकर नजरअंदाज किया गया था, लेकिन जब यह सिलसिला हर रात का नियम बन गया, तो पूरे क्षेत्र में डर का माहौल व्याप्त हो गया।
जनजीवन प्रभावित: स्थानीय निवासी चंपा ने बताया कि इस रहस्यमयी घटना ने परिवारों का सामान्य जीवन पूरी तरह पटरी से उतार दिया है। शाम ढलते ही महिलाएं और बच्चे खौफ के कारण घरों के भीतर कैद हो जाते हैं। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई भी इससे बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
जंगल से पत्थर आने की आशंका: एक अन्य निवासी सुरेश चंद भट्ट ने बताया कि जिला पंचायत परिसर और गेस्ट हाउस के ऊपर स्थित घने जंगल की ओर से आबादी वाले हिस्से में पत्थर फेंके जा रहे हैं।
इलाका छोड़ने की नौबत: स्थानीय निवासी निर्मल का कहना है कि लगातार हो रही इस परेशानी के कारण अब इस इलाके में शांति से रहना मुश्किल हो गया है, लेकिन अब तक यह समझ नहीं आ रहा कि इसके पीछे कौन है।
पुलिस की कॉम्बिंग भी रही नाकाम
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने कोतवाली पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस की टीम ने दो दिनों तक रात के समय उस पूरे पथरीले और जंगली इलाके में सघन कॉम्बिंग (खोजबीन) अभियान चलाया। हालांकि, पुलिस के हाथ अब तक कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या सुराग नहीं लगा है। निराश होकर अब स्थानीय लोगों ने खुद भी रात में लाठी-डंडे लेकर टोलियां बनाई हैं और पत्थरों के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, पर सफलता अभी भी कोसों दूर है।
प्रशासन का पक्ष: सर्च ऑपरेशन रहेगा जारी
स्थानीय कोतवाली के एसआई (Sub-Inspector) श्याम बोरा ने बताया: “स्थानीय लोगों की शिकायत कुछ दिन पूर्व मिली थी, जिसके तुरंत बाद पुलिस बल ने संबंधित जंगल क्षेत्र में कॉम्बिंग की है। फिलहाल कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई नहीं दिया है। इसके बावजूद, स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए जंगल और आबादी से सटे इलाकों में पुलिस का सर्च अभियान लगातार जारी रहेगा।”
क्षेत्रवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस ‘रहस्यमयी’ गुत्थी को सुलझाने के लिए मामले की गंभीरता से जांच की जाए, गश्त बढ़ाई जाए और दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए ताकि वे चैन की सांस ले सकें।
