कर्णप्रयाग विवाद: सिख समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सीएम धामी से की मुलाकात; कहा– सोशल मीडिया पर ‘हिंदू-सिख’ और ‘पहाड़ बनाम सिख’ का दुष्प्रचार बंद हो
कर्णप्रयाग विवाद: सिख समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सीएम धामी से की मुलाकात; कहा– सोशल मीडिया पर ‘हिंदू-सिख’ और ‘पहाड़ बनाम सिख’ का दुष्प्रचार बंद हो
देहरादून: चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित कर्णप्रयाग में हाल ही में हुए विवाद और हिंसक झड़प के बाद उपजे तनाव को शांत करने के लिए उत्तराखंड के सिख समाज ने पहल की है। सिख समाज के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने सोशल मीडिया पर घटना को लेकर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार और नफरती टिप्पणियों पर तत्काल रोक लगाने तथा ऐसा करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
”यह दो पक्षों का विवाद है, दो समुदायों का नहीं”
गुरुद्वारा अंसारी मार्ग के गुरजिंदर सिंह के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपना पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग की घटना को दो समुदायों के बीच टकराव के रूप में प्रस्तुत करना पूरी तरह गलत है।
प्रतिनिधिमंडल ने चिंता जताते हुए कहा:
”सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर इस घटना को ‘पहाड़ बनाम सिख’ और ‘हिंदू बनाम सिख’ का रंग देने की कोशिश की जा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हम इसी उत्तराखंड में जन्मे-बढ़े हैं, यही हमारा घर और पहचान है। वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा सहित हर कठिन समय में सिख समुदाय ने सेवा भाव से राज्य का साथ दिया है।”
सिख समाज ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि चारधाम यात्रा के दौरान यदि किसी भी श्रद्धालु या स्थानीय व्यक्ति के बीच कोई विवाद होता है, तो लोग कानून अपने हाथ में न लें बल्कि पुलिस और प्रशासन का सहारा लें।
अफवाहों पर न करें विश्वास, प्रशासन पूरी तरह सतर्क: सीएम धामी
प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं। ऐसे में स्वाभाविक रूप से कुछ असामाजिक या विवाद पैदा करने वाले तत्व भी यात्रा में शामिल हो सकते हैं, लेकिन सरकार की प्राथमिकता यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू बनाए रखना है।
मुख्यमंत्री ने कहा:
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत: यात्रा रूट के चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
सौहार्द बनाए रखने की अपील: मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लोगों से शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी घटना को लेकर अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
इस बैठक के बाद सरकार ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ और भ्रामक पोस्ट डालने वालों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि देवभूमि की शांति और चारधाम यात्रा की क्रेडिबिलिटी को प्रभावित होने से बचाया जा सके।
