राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, कैलाश विजयवर्गीय के बयान से बढ़ा सियासी विवाद
राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, कैलाश विजयवर्गीय के बयान से बढ़ा सियासी विवाद
बीजेपी ने कांग्रेस के भीतर से जानकारी मिलने का किया दावा, कांग्रेस ने बताया ‘सीट चोरी’
भोपाल। मध्य प्रदेश में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार Meenakshi Natarajan का नामांकन पत्र रद्द होने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस जहां इसे लोकतंत्र की हत्या और ‘सीट चोरी’ बता रही है, वहीं भाजपा नेता Kailash Vijayvargiya ने दावा किया है कि नामांकन रद्द होने के पीछे कांग्रेस के ही किसी नेता की भूमिका है।
कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा दावा
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन से संबंधित दस्तावेज भाजपा को तेलंगाना से प्राप्त हुए थे। उन्होंने दावा किया कि यह जानकारी कांग्रेस के भीतर से ही किसी व्यक्ति ने उपलब्ध कराई होगी।
विजयवर्गीय ने कहा, “हमारे पास जो कागज आए, वे तेलंगाना से आए। वहां कांग्रेस की सरकार है। ऐसे में यह समझना मुश्किल नहीं है कि यह जानकारी हमें कांग्रेस के ही लोगों ने दी होगी।”
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है कि क्या कांग्रेस के भीतर ही किसी ने उम्मीदवार के खिलाफ जानकारी साझा की थी।
नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस नेताओं ने नामांकन रद्द किए जाने को अलोकतांत्रिक करार देते हुए भाजपा पर राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि तकनीकी आधार पर उसके उम्मीदवार को चुनावी मैदान से बाहर करने की कोशिश की गई है।
कमलनाथ ने भाजपा पर साधा निशाना
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Kamal Nath ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रशासनिक और प्रक्रियागत हथकंडों के जरिए कांग्रेस की राज्यसभा सीट छीनने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है।
दिग्विजय सिंह बोले- यह सरासर ‘सीट चोरी’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Digvijaya Singh ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करना पूरी तरह अवैधानिक है।
उन्होंने कहा कि जिस मामले का हवाला देकर नामांकन खारिज किया गया, उसमें न तो एफआईआर दर्ज है और न ही कोई मुकदमा लंबित है। केवल एक नोटिस जारी हुआ था, जिसका उल्लेख नामांकन पत्र में करना अनिवार्य नहीं है। उन्होंने इसे “सरासर सीट चोरी” करार दिया।
बीजेपी ने लगाए जानकारी छिपाने के आरोप
भाजपा ने नामांकन पत्र पर आपत्ति दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि मीनाक्षी नटराजन ने तेलंगाना की एक अदालत में लंबित मामले से संबंधित जानकारी अपने शपथपत्र में छिपाई थी। इसी आपत्ति के आधार पर उनके नामांकन की जांच की गई और बाद में उसे खारिज कर दिया गया।
निर्वाचन आयोग से मिलेगा कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल
इस पूरे विवाद के बीच कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को Election Commission of India से मुलाकात करेगा। आयोग के सचिव Ashwini Kumar Mohal के अनुसार, बैठक में मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र खारिज किए जाने को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों पर चर्चा की जाएगी।
राज्यसभा चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक गर्मी
मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक ओर भाजपा इसे नियमों के पालन का मामला बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करार दे रही है। अब सभी की नजर निर्वाचन आयोग की आगामी कार्रवाई और राज्यसभा चुनाव के नतीजों पर टिकी हुई है।
