नीट पेपर लीक विवाद: तेजस्वी की खामोशी के बीच सड़क पर उतरे तेज प्रताप, गिरफ्तार होकर पहुंचे बेऊर जेल
नीट पेपर लीक विवाद: तेजस्वी की खामोशी के बीच सड़क पर उतरे तेज प्रताप, गिरफ्तार होकर पहुंचे बेऊर जेल
नीट (NEET) पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ छात्र आंदोलन जब देश भर में फैला, तो बिहार में भी इसका व्यापक असर देखने को मिला। पटना समेत राज्य के कई जिलों में उग्र प्रदर्शन हुए, जिसमें राहुल गांधी और अखिलेश यादव जैसे प्रमुख विपक्षी नेता सड़क से संसद तक मुखर रहे। हालांकि, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विदेश प्रवास पर होने के कारण सक्रिय नजर नहीं आए।
तेज प्रताप यादव ने भुनाया मौका
तेजस्वी की अनुपस्थिति के बीच उनके बड़े भाई और जनशक्ति जनता दल (JJD) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लिया। तेज प्रताप ने न केवल सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला, बल्कि पटना की सड़कों पर उतरकर छात्रों के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने गांधी मैदान के पास हाथ में तिरंगा लेकर छात्रों की मांगों के समर्थन में हुंकार भरी और सरकार के खिलाफ आक्रामक तेवर अपनाए।
मॉल से गिरफ्तारी के बाद भेजा गया बेऊर जेल
शनिवार को ‘बिहार बंद’ के दौरान प्रदर्शन स्थल पर हुई हिंसा, पथराव और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में पटना पुलिस ने तेज प्रताप यादव को हिरासत में लिया। देर शाम पुलिस ने उन्हें सिटी सेंटर मॉल से गिरफ्तार कर लिया। आधी रात को मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में पटना के बेऊर जेल भेज दिया गया है।
बिहार की राजनीति में नया समीकरण
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी यादव के गायब रहने से उनके प्रतिद्वंद्वियों को हमला करने का मौका मिला है, वहीं तेज प्रताप यादव ने जमीन पर उतरकर और जेल जाकर खुद को इस छात्र आंदोलन के केंद्र में खड़ा कर दिया है। राजद से अलग राह पकड़ने वाले तेज प्रताप के इस कदम ने बिहार के सियासी माहौल में एक नया नैरेटिव तैयार कर दिया है।
