बाईं करवट सोना और सही खान-पान: बेहतर नींद और एसिड रिफ्लक्स से राहत पाने के उपाय
बाईं करवट सोना और सही खान-पान: बेहतर नींद और एसिड रिफ्लक्स से राहत पाने के उपाय
रात में सोते समय हमारी पोजीशन और सोने से ठीक पहले की आदतें हमारी सेहत और नींद की क्वालिटी पर गहरा असर डालती हैं। एनेस्थेसियोलॉजिस्ट और इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन फिजिशियन डॉक्टर कुणाल सूद के अनुसार, नींद और हमारी रोजमर्रा की आदतों (जैसे देर रात खाना और खान-पान के तरीके) के बीच सीधा संबंध होता है।
बाईं करवट सोने के फायदे (एसिड रिफ्लक्स में राहत)
एसिड रिफ्लक्स कम होना: हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टर सूद के मुताबिक, बाईं ओर करवट लेकर सोने से पेट का एसिड वापस फूड पाइप (अन्नप्रणाली) में जाने से रोकने में मदद मिलती है।
वैज्ञानिक कारण: पेट और अन्नप्रणाली के बीच के जोड़ (लोअर ओसोफेजियल स्फिंक्टर या LES) की शारीरिक स्थिति ऐसी होती है कि बाईं करवट सोने पर यह एसिड के स्तर से ऊपर रहता है, जिससे सीने में जलन और एसिडिटी के लक्षण कम होते हैं।
सोने से पहले खाने की आदतें और नींद पर असर
पाचन क्रिया पर प्रभाव: सोने से ठीक पहले भारी भोजन करने से पाचन तंत्र सक्रिय रहता है, जबकि रात के समय शरीर और दिमाग को आराम की जरूरत होती है।
हार्मोनल असंतुलन: देर रात या सोने से ठीक पहले खाने से घ्रेलिन (Ghrelin) और इंसुलिन जैसे हार्मोन उत्तेजित हो जाते हैं। इससे नींद के मुख्य हार्मोन मेलाटोनिन (Melatonin) के स्तर को बढ़ने में रुकावट आती है, जिससे हमारी स्लीपिंग साइकिल (रोज की लय) बिगड़ जाती है।
सुझाव: बेहतर और गहरी नींद के लिए हमेशा सोने से कम से कम दो घंटे पहले हल्का भोजन करने की सलाह दी जाती है।
