UKSSSC VPDO परीक्षा घोटाला: ईडी की बड़ी कार्रवाई, पूर्व सीएम के PA चंदन सिंह जीना के घर से 32 लाख कैश और 1.28 करोड़ की घड़ियां बरामद
UKSSSC VPDO परीक्षा घोटाला: ईडी की बड़ी कार्रवाई, पूर्व सीएम के PA चंदन सिंह जीना के घर से 32 लाख कैश और 1.28 करोड़ की घड़ियां बरामद
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की बहुचर्चित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) परीक्षा-2016 में हुए कथित बड़े घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सख्त कार्रवाई की है। ईडी के देहरादून सब-जोनल ऑफिस ने 10 सितंबर 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत देहरादून में कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह मामला OMR शीट से छेड़छाड़ और पैसे लेकर परीक्षा परिणाम प्रभावित करने से जुड़ा है।
पूर्व सीएम के PA के घर छापेमारी और बरामदगी
इस कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश सिंह रावत के निजी सहायक (PA) और पूर्व OSD रहे चंदन सिंह जीना के आवास पर भी तलाशी ली। ईडी की अब तक की जांच और छापेमारी में भारी मात्रा में अवैध संपत्तियां और नकदी बरामद हुई है:
नकद राशि: चंदन सिंह जीना के घर से 32 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी बरामद हुई है।
सोना और आभूषण: घर से करीब 200.5 ग्राम सोना मिला है, जिसमें 13 सोने के सिक्के और 7 सोने की चेन शामिल हैं।
लग्जरी घड़ियां: Rolex, Rado, Piaget, Movado, Tissot और Casio Edifice जैसे दुनिया के महंगे ब्रांडों की 12 लग्जरी घड़ियां मिली हैं। शुरुआती आकलन के मुताबिक इन घड़ियों और सोने की कुल कीमत करीब 1.28 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो आगे और बढ़ सकती है।
बैंक खाते फ्रीज और मोबाइल जब्त
कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए ईडी ने PMLA की धारा 17(1A) के तहत चंदन सिंह जीना और उनके परिजनों के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है, जिनमें कुल 52.16 लाख रुपये जमा थे। इसके अलावा आगे की जांच के लिए उनका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है। एजेंसी का कहना है कि बरामद नकदी और संपत्तियां उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से मेल नहीं खाती हैं और उन्होंने बड़ी मात्रा में नकदी खर्च की है।
कैसे अंजाम दिया गया था घोटाला?
जांच में खुलासा हुआ है कि VPDO परीक्षा की सुरक्षित रखी गई OMR शीट को कथित तौर पर तत्कालीन सचिव के निजी घर ले जाया गया था।
वहां उन OMR शीट के रोल नंबर अलग किए गए जिनमें कम जवाब भरे गए थे।
इसके बाद ये रोल नंबर एक निजी कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारियों को दिए गए।
एजेंसी के कर्मचारियों ने पैसों के लेन-देन के बाद OMR शीट में सही गोले भरकर उनमें फेरबदल किया और बाद में शीट को दोबारा सील कर दिया।
ईडी के अनुसार इस पूरे खेल में बिचौलियों के माध्यम से अवैध रकम का लेन-देन किया गया था। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
