भारत मंडपम में पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की गर्मजोशी से हुई मुलाकात, 2000 साल पुराने ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद किया गया भेंट
भारत मंडपम में पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की गर्मजोशी से हुई मुलाकात, 2000 साल पुराने ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद किया गया भेंट
राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई, जिसमें व्यापार, रक्षा और ऊर्जा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
गर्मजोशी भरा स्वागत और ऐतिहासिक उपहार
मुलाकात के खास पल: जैसे ही राष्ट्रपति पुतिन भारत मंडपम पहुंचे, पीएम मोदी ने आगे बढ़कर उनसे हाथ मिलाया और गले मिलकर उनका स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच बेहतरीन व्यक्तिगत केमिस्ट्री और आपसी भरोसा नजर आया.
’तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट: बैठक से पहले पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को 2000 साल पुराना तमिल दार्शनिक ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी भाषा में अनुवादित संस्करण भेंट किया। पीएम ने बताया कि यह ग्रंथ ‘पीपल टू पीपल कनेक्ट’ और सांस्कृतिक जुड़ाव के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
तिरुक्कुरल ग्रंथ की विशेषता
यह ग्रंथ महान प्राचीन तमिल संत तिरुवल्लुवर द्वारा रचित है, जिसे तमिल संस्कृति में ‘जीवन की आचार संहिता’ या ‘तमिल वेद’ माना जाता है।
इसमें कुल 133 अध्याय और 1,330 दोहे (छंद) हैं, जो तीन मुख्य खंडों— अरम (धर्म/नैतिकता), पोरुल (अर्थ/शासन), और इनबम/कामम (प्रेम) में विभाजित हैं।
यह किसी विशेष जाति या पंथ का उल्लेख नहीं करता, बल्कि पूरी तरह सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों पर आधारित है।
द्विपक्षीय बैठक के मुख्य बिंदु
व्यापार लक्ष्य: दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने पर जोर दिया। भारत वर्तमान में रूस से बड़े पैमाने पर ऊर्जा (तेल) आयात कर रहा है।
रक्षा और तकनीक सहयोग: बैठक में ब्रह्मोस मिसाइल के अपग्रेडेशन, S-400 मिसाइल प्रणाली की शेष आपूर्ति और सुखोई-57 लड़ाकू विमानों पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा सिविल न्यूक्लियर कॉरपोरेशन और भारत में नए असैन्य परमाणु रिएक्टर स्थापित करने की योजनाओं पर भी विचार हुआ।
शनिवार से ब्रिक्स शिखर सम्मेलन
भारत की मेजबानी में शनिवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा समेत कई वैश्विक नेता हिस्सा ले रहे हैं। इस समिट में खाद्य, ऊर्जा, स्वास्थ्य और आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करने जैसे विषयों पर व्यापक मंथन किया जाएगा।
