नेपाल में बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण पर लगेगा 7.23 खरब रुपये, सरकार ने बताया अनुमान
नेपाल में बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण पर लगेगा 7.23 खरब रुपये, सरकार ने बताया अनुमान
अपडेट: 11 सितंबर 2026
नेपाल सरकार ने 26 अगस्त 2026 को भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण और बहाली के लिए कुल 723.31 अरब नेपाली रुपये (लगभग 4.74 से 4.78 अरब अमेरिकी डॉलर) की जरूरत बताई है।
यह अनुमान नेशनल प्लानिंग कमीशन और नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) की संयुक्त टीम द्वारा तैयार रैपिड डैमेज एंड नीड्स असेसमेंट (RDNA) रिपोर्ट पर आधारित है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने शुक्रवार को पुष्टि की कि कुल अनुमान लगभग 4.78 अरब डॉलर है।
खर्च का ब्यौरा
तत्काल और अल्पकालिक (अगले 6 महीने): करीब 8.73–8.74 अरब रुपये (लगभग 57.67 मिलियन डॉलर)
दीर्घकालिक पुनर्निर्माण: करीब 714.58 अरब रुपये (लगभग 4.71 अरब डॉलर)
सबसे ज्यादा नुकसान इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र को हुआ है, जिसकी बहाली पर अकेले 473.57 अरब रुपये (कुल का करीब 75 प्रतिशत) लगने का अनुमान है।
ऊर्जा क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट (कुल क्षमता करीब 759–783 मेगावाट) और 5 सोलर प्लांट क्षतिग्रस्त हुए। ऊर्जा और ग्रिड सिस्टम की बहाली पर ही करीब 390.62 अरब रुपये खर्च होने का अनुमान है।
सड़क और परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 73.34 अरब रुपये लग सकते हैं। 69 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं, 33 मोटर योग्य पुल बह गए और कई सस्पेंशन ब्रिज क्षतिग्रस्त हुए।
निजी मकान (7,570), सार्वजनिक इमारतें, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और सांस्कृतिक स्थल भी प्रभावित हुए। सामाजिक और उत्पादक क्षेत्रों (कृषि, व्यापार आदि) की बहाली पर अतिरिक्त खर्च अनुमानित है। मलबा हटाने और जोखिम न्यूनीकरण पर भी अलग से खर्च आएगा।
आपदा का असर
बाढ़ से रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन जिलों के कई इलाके प्रभावित हुए। अब तक 1,385 से अधिक शव बरामद हो चुके हैं और करीब 5,130 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
सरकार विस्तृत पोस्ट-डिजास्टर नीड्स असेसमेंट भी कर रही है। नेपाल जलवायु परिवर्तन से जुड़े नुकसान के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता और मुआवजे की मांग भी कर रहा है।
यह अनुमान प्रारंभिक है। अंतिम आंकड़े विस्तृत आकलन के बाद बदल सकते हैं।
