कर्नाटक की सियासत गरमाई: सिद्धारमैया के दिल्ली दौरे पर जी. परमेश्वर का बयान, राहुल गांधी से मुलाकात के बाद जाति जनगणना और कैबिनेट विस्तार पर चर्चा
कर्नाटक की सियासत गरमाई: सिद्धारमैया के दिल्ली दौरे पर जी. परमेश्वर का बयान, राहुल गांधी से मुलाकात के बाद जाति जनगणना और कैबिनेट विस्तार पर चर्चा
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने स्पष्ट किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य सिद्धारमैया के हालिया दिल्ली दौरे के पीछे किसी तरह की नाराजगी नहीं है। उन्होंने कहा, “अगर वह नाखुश होते, तो मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा ही क्यों देते?” यह बयान ऐसे समय में आया है जब सिद्धारमैया के दिल्ली दौरे और कांग्रेस आलाकमान के साथ उनकी बैठकों को लेकर राज्य के राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर जारी है।
जी. परमेश्वर के बयान के मुख्य बिंदु:
स्वाभाविक राजनीतिक दौरा: परमेश्वर ने बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए कहा कि सिद्धारमैया अब सीडब्ल्यूसी (CWC) के सदस्य हैं, इसलिए उनका दिल्ली जाना उनकी राजनीतिक जिम्मेदारियों का एक स्वाभाविक हिस्सा है, जिसे किसी और रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
एपेक्स बैंक चुनाव: एपेक्स बैंक के अध्यक्ष पद के चुनाव पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के निर्देशानुसार सर्वसम्मति से एस. रवि (जो सीएम डीके शिवकुमार के रिश्तेदार हैं) को चुना गया है, और इस पूरी प्रक्रिया में सिद्धारमैया के करीबी पूर्व मंत्री केएन राजन्ना की भी पूरी सहमति थी। इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की नाराजगी का सवाल ही नहीं उठता।
सुरक्षा और अन्य योजनाएं: तुमकुरु जिले के पावागडा में नक्सली गतिविधि के संबंध में उन्होंने कहा कि वे एसपी के साथ इस पर चर्चा करेंगे और जरूरत पड़ने पर वहां एंटी-नक्सल फोर्स तैनात की जाएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के आवास वितरण कार्यक्रम में बेघर पूर्व सैनिकों को भी शामिल किया जाएगा।
सिद्धारमैया और राहुल गांधी की मुलाकात:
दिल्ली पहुंचने के बाद शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान पार्टी और कर्नाटक की राजनीति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर गहन चर्चा हुई:
कैबिनेट विस्तार और खाली पद: सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया ने कर्नाटक में मंत्रिमंडल के खाली पदों को जल्द से जल्द भरने और अपने कुछ करीबी सहयोगियों को जगह दिलाने की मांग की है। खबरों के अनुसार, कैबिनेट विस्तार के दूसरे चरण में अपनी पसंद के नेताओं को जगह न मिलने के कारण कुछ दूरियां और मतभेद पैदा हुए थे।
जाति जनगणना रिपोर्ट: बैठक में सिद्धारमैया ने कर्नाटक की जाति जनगणना रिपोर्ट के नतीजों को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द लागू करने पर जोर दिया।
संन्यास के बयानों पर नसीहत: सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी ने सिद्धारमैया को सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने संबंधी बयान न देने की सलाह दी है, ताकि पार्टी के भीतर किसी तरह का भ्रम न फैले।
इसके बाद सिद्धारमैया के एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल से भी मुलाकात करने और राज्य के संगठनात्मक मामलों पर चर्चा करने की संभावना है। स्थानीय निकाय और आगामी चुनावों से पहले कर्नाटक कांग्रेस में चल रहे इन घटनाक्रमों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
