टेक-ऑटो

​कार और बाइक के नए टायरों पर क्यों बने होते हैं रबर के ‘बाल’? जानिए इसके पीछे का असली विज्ञान

​कार और बाइक के नए टायरों पर क्यों बने होते हैं रबर के ‘बाल’? जानिए इसके पीछे का असली विज्ञान

​जब भी हम कोई नई कार, बाइक या स्कूटर खरीदते हैं, तो उसके टायरों पर छोटे-छोटे रबर के काँटे या ‘बाल’ (Rubber Hairs) दिखाई देते हैं। कई लोग ऐसा मानते हैं कि ये रबर के बाल सड़क पर गाड़ी की ग्रिप बढ़ाते हैं या टायर की आवाज को कम करते हैं। लेकिन हकीकत में ऐसा बिल्कुल नहीं है। आइए समझते हैं कि नए टायरों पर दिखने वाली ये बारीक संरचनाएँ क्या हैं और ये क्यों बनाई जाती हैं।

​क्या कहते हैं इन रबर के बालों को?

​तकनीकी भाषा में टायरों पर दिखने वाले इन रबर के बालों को ‘वेंट स्प्यूज’ (Vent Spews) या ‘टायर निब्स’ (Tyre Nibs) कहा जाता है। इसके अलावा इन्हें Sprue Nibs, Nippers या Gate Marks भी कहते हैं।

​नोट: ये केवल बिल्कुल नए टायरों पर ही नजर आते हैं। गाड़ी चलने के साथ-साथ सड़क के घर्षण (Friction) से ये अपने आप घिसकर गायब हो जाते हैं।

​क्यों और कैसे बनते हैं ये ‘टायर निब्स’?

​इन रबर के बालों का सीधा संबंध टायर को आकार देने वाली मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया से है:

​वल्केनाइजेशन प्रक्रिया: टायर बनाते समय कच्चे रबर को एक खास साँचे (Mold) में रखा जाता है। इसके बाद इसे भारी दबाव और ऊँचे तापमान पर पकाया जाता है ताकि रबर मजबूत हो सके।

​हवा का बाहर निकलना: रबर जब पिघलकर साँचे में फैलता है, तो उसके अंदर फँसी हवा को बाहर निकालने के लिए साँचे में बेहद बारीक छेद बनाए जाते हैं, जिन्हें वेंट होल्स (Vent Holes) कहते हैं।

​निब्स का बनना: भारी दबाव के कारण हवा के साथ थोड़ा-सा पिघला हुआ रबर भी इन छेदों से बाहर आ जाता है। जब यह ठंडा होता है, तो वही बाहर निकला रबर छोटे-छोटे काँटों या बालों का रूप ले लेता है।

​क्या इनसे गाड़ी की परफॉर्मेंस या ग्रिप बढ़ती है?

​बिल्कुल नहीं!

इन रबर के बालों का गाड़ी की ग्रिप, माइलेज, स्पीड, ब्रेकिंग या रोड-होल्डिंग से कोई संबंध नहीं होता। यह न तो टायर को ज्यादा सुरक्षित बनाते हैं और न ही उसकी परफॉर्मेंस बढ़ाते हैं। यह केवल टायर बनाने की प्रक्रिया का एक उप-उत्पाद (By-Product) है।

​इनका होना क्यों है जरूरी?

​भले ही टायर बनने के बाद इन बालों का कोई काम न हो, लेकिन टायर बनाते वक्त ये प्रक्रिया बेहद अहम होती है:

​एयर पॉकेट्स से बचाव: अगर साँचे के अंदर हवा फँसी रह जाए, तो टायर के अंदर हवा के बुलबुले (Air Pockets) बन सकते हैं, जिससे टायर कमजोर हो सकता है और उसके फटने का खतरा बढ़ सकता है।

​क्वालिटी का संकेत: वेंट होल्स के जरिए पूरी हवा बाहर निकल जाती है और रबर साँचे में समान रूप से भर जाता है। इसलिए नए टायरों पर ये ‘रबर निब्स’ इस बात का प्रमाण हैं कि आपका टायर सही तकनीक और गुणवत्ता के साथ बना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *