Friday, June 19, 2026
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ममता बनर्जी vs शुभेंदु अधिकारी: भवानीपुर में क्या दोहराएगा नंदीग्राम का इतिहास? 2026 बंगाल चुनाव में सुपरहिट मुकाबला सेट

ममता बनर्जी vs शुभेंदु अधिकारी: भवानीपुर में क्या दोहराएगा नंदीग्राम का इतिहास? 2026 बंगाल चुनाव में सुपरहिट मुकाबला सेट

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में राजनीतिक ड्रामा चरम पर पहुंच गया है! मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (तृणमूल कांग्रेस) और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी (बीजेपी) एक बार फिर आमने-सामने हैं, लेकिन इस बार मैदान है कोलकाता का भवानीपुर सीट। 2021 में नंदीग्राम में शुभेंदु ने ममता को हराकर सनसनी मचा दी थी, जिसके बाद ममता को भवानीपुर उपचुनाव जीतकर सीएम की कुर्सी बचानी पड़ी। अब सवाल ये है – क्या भवानीपुर में नंदीग्राम की हार का इतिहास दोहराया जाएगा? या ममता अपने गढ़ में शुभेंदु को धूल चटा देंगी?

चुनावी बैकग्राउंड और बड़ा ऐलान

टीएमसी की लिस्ट: 17 मार्च 2026 को टीएमसी ने 291 सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की, जिसमें ममता बनर्जी को भवानीपुर से मैदान में उतारा गया है। पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह “बंगाल की जनता की लड़ाई” है।

बीजेपी का दांव: बीजेपी ने 16 मार्च को अपनी पहली लिस्ट (144 उम्मीदवार) जारी की, जिसमें शुभेंदु अधिकारी को दो सीटों – नंदीग्राम (उनका गढ़) और भवानीपुर से लड़ने का टिकट दिया गया। यह कदम ममता को सीधे चुनौती देने का संकेत है, जैसे 2021 में नंदीग्राम में हुआ था।

चुनाव दो चरणों में होंगे: 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग, 4 मई को नतीजे। कुल 294 सीटें, टीएमसी 291 पर लड़ रही है।

नंदीग्राम का इतिहास: 2021 की यादें

2021 चुनाव में शुभेंदु (तब टीएमसी से बीजेपी में आए) ने नंदीग्राम में ममता को 1,956 वोटों से हराया था – यह ममता की राजनीतिक जिंदगी का सबसे बड़ा झटका था। ममता को सीएम बने रहने के लिए भवानीपुर उपचुनाव लड़ना पड़ा, जहां उन्होंने 58,000+ वोटों से जीत हासिल की। शुभेंदु तब से ममता के सबसे बड़े आलोचक बने हुए हैं, और बीजेपी उन्हें “ममता-किलर” के रूप में प्रोजेक्ट कर रही है।

भवानीपुर में क्या होगा? दोहराएगा इतिहास?

ममता का गढ़: भवानीपुर दक्षिण कोलकाता की शहरी सीट है, जहां ममता 2011, 2016 और 2021 (उपचुनाव) में जीतीं। यहां टीएमसी का मजबूत आधार है – बंगाली मिडिल क्लास, माइनॉरिटी वोटर्स और महिलाएं ममता की ताकत हैं। 2021 उपचुनाव में उन्हें 85% वोट मिले थे। विश्लेषकों का कहना है कि शहरी इलाके में बीजेपी का प्रदर्शन कमजोर रहा है, इसलिए ममता यहां मजबूत हैं।

शुभेंदु की रणनीति: शुभेंदु नंदीग्राम (ग्रामीण सीट) के अलावा भवानीपुर में लड़कर ममता को सिम्बॉलिक चैलेंज दे रहे हैं। बीजेपी का मानना है कि अगर शुभेंदु यहां जीतते हैं, तो यह टीएमसी के लिए बड़ा झटका होगा। लेकिन शुभेंदु का बैकग्राउंड ग्रामीण है, शहरी वोटर्स से कनेक्ट कम। टीएमसी ने नंदीग्राम में शुभेंदु के खिलाफ उनके पूर्व सहयोगी पबित्र कर को उतारा है, जो शुभेंदु को दो मोर्चों पर बांट सकता है।

ओपिनियन पोल और विश्लेषण: शुरुआती सर्वे में टीएमसी को बढ़त दिख रही है (226+ सीटें), लेकिन भवानीपुर में मुकाबला टाइट हो सकता है। अगर शुभेंदु जीतते हैं, तो यह 2021 की तरह इतिहास दोहराएगा और ममता को फिर उपचुनाव लड़ना पड़ सकता है। हालांकि, कई एक्सपर्ट्स कहते हैं कि भवानीपुर में ममता की पकड़ मजबूत है, और शुभेंदु का दो सीटों पर लड़ना उनकी कमजोरी बन सकता है।

यह मुकाबला बंगाल चुनाव का सबसे बड़ा आकर्षण बना हुआ है। ममता चौथी बार सीएम बनने की कोशिश में हैं, जबकि बीजेपी शुभेंदु के जरिए टीएमसी को तोड़ना चाहती है। क्या नंदीग्राम की तरह भवानीपुर में उलटफेर होगा? नतीजे बताएंगे, लेकिन फिलहाल राजनीतिक गलियारों में यही चर्चा है। जंग जारी है!

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