UPSC ने नियमों में किया बड़ा बदलाव! सेवा में रहते IAS-IFS अधिकारी अब बार-बार परीक्षा नहीं दे पाएंगे, IPS के लिए भी सख्ती
UPSC ने नियमों में किया बड़ा बदलाव! सेवा में रहते IAS-IFS अधिकारी अब बार-बार परीक्षा नहीं दे पाएंगे, IPS के लिए भी सख्ती
नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2026 के लिए नोटिफिकेशन जारी करते हुए कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव किया है। सबसे बड़ा बदलाव सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने की पुरानी प्रथा को लगभग खत्म करने का है। अब एक बार IAS या IFS में नियुक्त हो चुके अधिकारी CSE 2026 में शामिल नहीं हो सकेंगे। IPS और अन्य ग्रुप A सेवाओं में चयनित उम्मीदवारों के लिए भी रैंक सुधारने का मौका सिर्फ एक बार (वन-टाइम अपॉर्चुनिटी) तक सीमित कर दिया गया है।
UPSC ने 4 फरवरी 2026 को CSE 2026 का नोटिफिकेशन जारी किया, जिसमें कुल 933 पदों पर भर्ती की घोषणा की गई है (पिछले साल 979 थे)। मुख्य बदलाव सेवा आवंटन और पात्रता से जुड़े हैं। पहले सेवा में रहते हुए अधिकारी कई बार परीक्षा देकर रैंक सुधारते या कैडर बदलते थे, लेकिन अब यह रास्ता बंद हो गया।
IAS/IFS अधिकारी: पहले से नियुक्त IAS या IFS अधिकारी CSE 2026 में अप्लाई नहीं कर सकेंगे। अगर प्रीलिम्स पास करने के बाद लेकिन मेन्स से पहले IAS/IFS में नियुक्ति हो जाती है, तो मेन्स देने की अनुमति नहीं मिलेगी।
IPS अधिकारी: IPS में चयनित उम्मीदवार दोबारा IPS कैडर चुन नहीं सकेंगे। उन्हें सिर्फ एक बार (अगले वर्ष) रैंक सुधारने का मौका मिलेगा।
वन-टाइम अपॉर्चुनिटी: ग्रुप A या IPS में चयन के बाद सिर्फ एक बार (जैसे CSE 2027 में) बेहतर प्रदर्शन के लिए परीक्षा दे सकेंगे, उसके बाद नहीं।
इसके अलावा आवेदन प्रक्रिया में भी बदलाव हैं: चार चरणों में ऑनलाइन आवेदन, लाइव फोटो कैप्चर अनिवार्य, सिग्नेचर अपलोड के सख्त नियम, आधार-आधारित वेरिफिकेशन को प्राथमिकता और परीक्षा केंद्र में फेस ऑथेंटिकेशन। आवेदन की अंतिम तिथि 24 फरवरी 2026 है।
ये बदलाव भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं, ताकि बार-बार नियुक्तियां और रैंक सुधार की प्रथा रुके। UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर पूरा नोटिफिकेशन उपलब्ध है। उम्मीदवारों को सलाह है कि नए नियमों को ध्यान से पढ़ें, क्योंकि कोई गलती आवेदन रद्द करवा सकती है। यह फैसला लाखों UPSC aspirants के लिए बड़ा असर डालने वाला है, खासकर उन लोगों के लिए जो सेवा में रहते तैयारी करते थे।
