अन्तर्राष्ट्रीय

‘भारत-EU डील अमेरिका की दादागिरी को जवाब’: दुनिया की प्रतिक्रियाएं – ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ पर क्या बोला वैश्विक मीडिया और लीडर्स?

‘भारत-EU डील अमेरिका की दादागिरी को जवाब’: दुनिया की प्रतिक्रियाएं – ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ पर क्या बोला वैश्विक मीडिया और लीडर्स?

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच आज फाइनल हुई फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा जा रहा है। यह डील वैश्विक ट्रेड में बड़ा बदलाव ला रही है, खासकर डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक टैरिफ नीतियों (जैसे भारत पर 25-50% अतिरिक्त टैरिफ और यूरोप पर ग्रीनलैंड विवाद) के बीच। कई मीडिया और एनालिस्ट इसे अमेरिका की ‘दादागिरी’ (hegemony/bullying) के खिलाफ एक मजबूत जवाब मान रहे हैं।

दुनिया की प्रमुख प्रतिक्रियाएं:

अमेरिका (US): ट्रंप प्रशासन अभी तक आधिकारिक तौर पर प्रतिक्रिया नहीं दे चुका, लेकिन आंखें इसी पर टिकी हैं। US ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने EU की आलोचना की और कहा कि EU भारत के साथ डील करके “खुद के खिलाफ युद्ध” फाइनेंस कर रहा है (रूस से तेल खरीदने पर भारत पर US टैरिफ का हवाला देकर)। CNBC और Bloomberg ने इसे “ट्रंप के टैरिफ थ्रेट्स के खिलाफ रिबफ” बताया। कई कमेंट्स में कहा जा रहा है कि ट्रंप जल्द ही भारत-EU पर नया टैरिफ लगा सकते हैं।

यूरोप (EU): EU कमिशन प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, “We did it! We delivered the mother of all deals” – यह 2 अरब लोगों का फ्री ट्रेड जोन बनाएगा। उन्होंने इसे “हिस्टोरिक” और “ट्रेड टर्बुलेंस” के बीच स्टेबिलिटी का प्रतीक बताया। यूरोपीय मीडिया (DW, The Guardian, Euronews) इसे “ट्रंप के टैरिफ थ्रेट्स के कारण एक्सेलरेटेड” डील कह रहा है – EU अब US/चीन पर निर्भरता कम कर रहा है।

ब्लूमबर्ग और AP न्यूज: इसे “Rebuff to Trump” कहा – EU और भारत ट्रंप की “अग्रेसिव टैरिफ पॉलिसी” और ग्लोबल ट्रेड डिसरप्शन के खिलाफ अल्टरनेटिव पार्टनरशिप बना रहे हैं। AP ने लिखा: “US प्रेशर ने डील को स्पीड दी”।

BBC और Reuters: डील को “ट्रंप टैरिफ टेंशन्स” के बीच भारत-EU के गहरे संबंधों का संकेत बताया। Reuters ने कहा कि यह EU एक्सपोर्ट्स को 2032 तक डबल कर सकता है, जबकि भारत US टैरिफ के इम्पैक्ट को ऑफसेट कर रहा है।

अन्य वैश्विक वॉयस: Al Jazeera ने इसे “US टैरिफ और चाइनीज एक्सपोर्ट कंट्रोल्स” के जवाब में नई मार्केट्स खोलने वाला बताया। X (ट्विटर) पर यूजर्स इसे “ट्रंप को छोड़कर दुनिया आगे बढ़ रही है” कह रहे हैं। कुछ पोस्ट्स में कहा गया कि “यह US को आइसोलेट कर रहा है”।

भारतीय मीडिया और एक्सपर्ट्स: कई जगहों पर इसे “अमेरिका की दादागिरी पर भारी पड़ने वाला दांव” कहा जा रहा है। PM मोदी ने इसे “शेयरड प्रॉस्पेरिटी का ब्लूप्रिंट” बताया, जबकि यह ग्लोबल ऑर्डर में स्टेबिलिटी लाएगा।

कुल मिलाकर, यह डील ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ पॉलिसी के खिलाफ एक बड़ा कदम मानी जा रही है – दुनिया अब “रूल-बेस्ड” और डाइवर्सिफाइड ट्रेड की ओर बढ़ रही है। EU-भारत पार्टनरशिप को “मिडिल पावर्स” का गठजोड़ कहा जा रहा है, जो US/चीन के बीच बैलेंस बनाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *