India-EU FTA: PM मोदी ने कहा- ‘यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, समृद्धि का नया ब्लूप्रिंट’
India-EU FTA: PM मोदी ने कहा- ‘यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, समृद्धि का नया ब्लूप्रिंट’
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच आज ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर मुहर लग गई, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “भारत के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट” करार दिया। 16वें भारत-EU समिट के दौरान नई दिल्ली में EU कमिशन प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय काउंसिल प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में PM मोदी ने इस डील को “मदर ऑफ ऑल डील्स” और “शेयरड प्रॉस्पेरिटी का नया ब्लूप्रिंट” बताया।
PM मोदी के प्रमुख बयान:
“आज भारत ने अपने इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट संपन्न किया है। यह सिर्फ ट्रेड एग्रीमेंट नहीं, बल्कि शेयर्ड प्रॉस्पेरिटी का नया ब्लूप्रिंट है।”
“यह समझौता भारत के 1.4 अरब लोगों और यूरोप के लाखों-करोड़ों लोगों के लिए बड़े अवसर लाएगा। यह वैश्विक जीडीपी का 25% और वैश्विक ट्रेड का एक-तिहाई हिस्सा कवर करता है।”
“यह हमारे किसानों, छोटे उद्योगों और MSMEs के लिए यूरोपीय बाजार तक पहुंच आसान बनाएगा। मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज सेक्टर को मजबूती मिलेगी और निवेशकों का भारत पर भरोसा बढ़ेगा।”
“ग्लोबल एनवायरनमेंट में अस्थिरता है, लेकिन भारत-EU पार्टनरशिप दुनिया को स्थिरता प्रदान करेगी। यह ‘डबल इंजन’ ग्रोथ का उदाहरण है।”
“यह एलाइनमेंट कोई संयोग नहीं है। अब समय है इस पार्टनरशिप को ‘whole-of-society’ पार्टनरशिप में बदलने का।”
PM मोदी ने इस डील को भारत-EU के बीच “परफेक्ट एग्जांपल ऑफ पार्टनरशिप” बताया और कहा कि यह भारत की मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और ग्लोबल वैल्यू चेन में मजबूत भूमिका को बढ़ावा देगी। उन्होंने यूरोपीय लीडर्स के साथ संयुक्त बयान में कहा कि यह डील रूल-बेस्ड इंटरनेशनल ऑर्डर, डेमोक्रेसी और सस्टेनेबल ग्रोथ को मजबूत करेगी।
EU साइड से उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा और PM मोदी के साथ “We did it!” का जश्न मनाया। डील के बाद भारत-EU बिजनेस फोरम में PM मोदी ने “डबल इंजन” अप्रोच पर जोर दिया।
यह डील 20 साल की लंबी नेगोशिएशंस के बाद फाइनल हुई है, जो टैरिफ कट, इंडस्ट्रियल गुड्स, सर्विसेज, इन्वेस्टमेंट और जीआई पर फोकस करती है। असल इंप्लीमेंटेशन 2026 में ही शुरू होने की उम्मीद है।
