उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी से की मुलाकात – पुरानी यादें ताजा, तमिलनाडु के राजमार्गों पर खास किस्सा साझा किया
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी से की मुलाकात – पुरानी यादें ताजा, तमिलनाडु के राजमार्गों पर खास किस्सा साझा किया
भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन आज देवभूमि उत्तराखंड के दौरे पर रहे। जॉलीग्रांट हवाई अड्डे पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा स्वागत के बाद, उपराष्ट्रपति ने देहरादून में पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बी सी खंडूड़ी के आवास पर उनसे मुलाकात की। मुलाकात में दोनों नेताओं ने पुरानी यादों को ताजा किया और राजनीतिक-प्रशासनिक चर्चा की।
मुलाकात की मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने सबसे पहले मेजर जनरल खंडूड़ी के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनकी सेहत के लिए शुभकामनाएं दीं। इसके बाद उन्होंने लोकसभा सदस्य के रूप में साथ बिताए पुराने दिनों को याद किया। उपराष्ट्रपति ने एक विशेष किस्से का जिक्र करते हुए बताया कि सांसद रहते हुए उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री मेजर जनरल खंडूड़ी से तमिलनाडु के कुछ महत्वपूर्ण राज्य राजमार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग में परिवर्तित करने का अनुरोध किया था। खंडूड़ी ने इस अनुरोध को तत्परता से स्वीकार कर लिया था।
उपराष्ट्रपति ने कहा, “उनके दूरदर्शी निर्णयों के कारण तमिलनाडु के सड़क नेटवर्क में बड़ा बदलाव आया। खासकर कोयंबटूर क्षेत्र एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरा। उनके समर्थन और दूरदर्शिता के लिए मैं आज भी आभारी हूं।” दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि सड़क कनेक्टिविटी ने न केवल क्षेत्रीय विकास को गति दी, बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया।
बीसी खंडूड़ी का संक्षिप्त परिचय
मेजर जनरल (से.नि.) बीसी खंडूड़ी भारतीय सेना के एक प्रतिष्ठित अधिकारी रहे हैं। उन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक देश की सेवा की और अपनी असाधारण सेवाओं के लिए अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) से सम्मानित किए गए। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और उत्तराखंड के विकास में अहम भूमिका निभाई। वे दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे और केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में पहले स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और बाद में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया।
उनके कार्यकाल में स्वर्णिम चतुर्भुज (Golden Quadrilateral) और राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम (NHDP) को तेजी से आगे बढ़ाया गया, जिसने भारत की सड़क बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी की तस्वीर पूरी तरह बदल दी।
दौरा का महत्व
उपराष्ट्रपति का यह दौरा उत्तराखंड में राजनीतिक और भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बीसी खंडूड़ी भाजपा के वरिष्ठतम नेताओं में से एक हैं और उनकी सलाह पार्टी के लिए अहम रहती है। मुलाकात में उत्तराखंड के विकास, आपदा प्रबंधन, पर्यटन और बुनियादी ढांचे पर भी संक्षिप्त चर्चा हुई।
मुलाकात के दौरान उपराष्ट्रपति ने खंडूड़ी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और दोनों नेताओं ने फोटो सेशन भी किया। उत्तराखंडवासियों ने इस मुलाकात का स्वागत किया है। देवभूमि में उपराष्ट्रपति की उपस्थिति और पूर्व मुख्यमंत्री से उनकी नजदीकी ने सकारात्मक संदेश दिया है।
