वजन घटाने की दवाओं से पतले तो हो रहे हैं, लेकिन मांसपेशियां भी गल रही हैं!
वजन घटाने की दवाओं से पतले तो हो रहे हैं, लेकिन मांसपेशियां भी गल रही हैं!
ओजेम्पिक (Ozempic), वेगोवी (Wegovy), माउनजारो (Mounjaro) और ज़ेपबाउंड जैसी पॉपुलर वेट लॉस दवाएं (जिनमें सेमाग्लूटाइड या टिरजेपेटाइड जैसे GLP-1 agonists होते हैं) तेजी से वजन कम करने में कमाल कर रही हैं। लाखों लोग इनका इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन एक बड़ी समस्या सामने आ रही है – वजन के साथ-साथ मांसपेशियां (मसल्स) भी काफी हद तक कम हो रही हैं।
कई क्लिनिकल स्टडीज और रिसर्च में पाया गया है कि इन दवाओं से होने वाले कुल वजन घटने का 25% से 40% तक हिस्सा फैट की बजाय लीन मास (मसल्स और अन्य नॉन-फैट टिश्यू) से होता है। उदाहरण के लिए:
सेमाग्लूटाइड वाली दवाओं के ट्रायल्स में देखा गया कि वजन कम होने का औसतन 39% तक मसल लॉस से जुड़ा होता है।
तेज वजन घटने से सर्कोपेनिया (sarcopenia) का खतरा बढ़ जाता है, जिसमें मांसपेशियों की ताकत, स्टैमिना और मेटाबॉलिज्म कम हो जाता है। यह खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और पहले से कम मसल मास वाले लोगों के लिए चिंता की बात है।
कुछ स्टडीज में पाया गया कि सिर्फ वजन कम होने से ही नहीं, बल्कि दवा के असर से मसल्स की स्ट्रेंथ भी घट सकती है, भले ही मास उतना कम न हो।
डॉक्टर्स और एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह समस्या सिर्फ इन दवाओं की नहीं है – कोई भी तेज वजन घटाने वाली विधि (डाइट, सर्जरी या दवा) से मसल लॉस हो सकता है। लेकिन GLP-1 दवाओं में कैलोरी इनटेक बहुत कम हो जाता है, जिससे बॉडी फैट के साथ मसल्स को भी एनर्जी के लिए इस्तेमाल करती है।
कैसे बचें मसल लॉस से? एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं:
प्रोटीन रिच डाइट लें – रोजाना बॉडी वेट के हिसाब से 1.6-2.2 ग्राम प्रोटीन प्रति किलो (जैसे अंडे, चिकन, दाल, पनीर, प्रोटीन शेक)।
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग/वेट ट्रेनिंग जरूर करें – हफ्ते में 2-3 दिन रेसिस्टेंस एक्सरसाइज (वेट लिफ्टिंग, बॉडीवेट एक्सरसाइज) मसल्स को बचाने और बनाने में मदद करती है।
डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की निगरानी में रहें, ताकि बॉडी कंपोजिशन (फैट vs मसल) चेक होती रहे।
कुछ नई रिसर्च में बिमाग्रुमाब जैसी दवाओं या कीटोन सप्लीमेंट्स का टेस्ट हो रहा है, जो मसल लॉस को कम कर सकती हैं, लेकिन ये अभी आम इस्तेमाल में नहीं हैं।
ये दवाएं डायबिटीज कंट्रोल, हार्ट हेल्थ और वजन घटाने में फायदेमंद हैं, लेकिन बिना एक्सरसाइज और सही डाइट के “पतला होना” “कमजोर होना” में बदल सकता है। अगर आप इन दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो सिर्फ स्केल पर वजन देखने की बजाय अपनी स्ट्रेंथ और एनर्जी लेवल पर भी नजर रखें।
(सोर्स: विभिन्न मेडिकल जर्नल्स, यूनिवर्सिटी स्टडीज और हेल्थ रिपोर्ट्स 2023-2025 से अपडेटेड जानकारी पर आधारित)
