बंगाल: आसनसोल में अवैध कोयला खदान धंसने से दो की मौत, कई मजदूर दबे; रेस्क्यू जारी
बंगाल: आसनसोल में अवैध कोयला खदान धंसने से दो की मौत, कई मजदूर दबे; रेस्क्यू जारी
पश्चिम बंगाल के आसनसोल के कुल्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ीरा इलाके में बीसीसीएल (भारत कोकिंग कोल लिमिटेड) की एक ओपन कास्ट कोयला खदान में मंगलवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। अवैध खनन के दौरान खदान की सुरंग अचानक धंस गई, जिसमें दो मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य दबे होने की आशंका है। घटनास्थल पर भारी संख्या में पुलिस, CISF और रेस्क्यू टीम पहुंची है, जहां पोकलेन और JCB मशीनों से बचाव कार्य जारी है।
हादसे का विवरण
हादसा सुबह हुआ, जब अवैध रूप से कोयला निकालने के लिए मजदूर खदान में गए थे।
सूत्रों के अनुसार, हादसे के समय 5-6 मजदूर अंदर थे। अब तक चार लोगों को बाहर निकाला गया, जिसमें दो की मौत हो चुकी है और दो गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें आसनसोल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दो अन्य मजदूरों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है। रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चल रहा है।
मृतकों में एक महिला भी शामिल होने की बात कही जा रही है।
अवैध खनन का पुराना मुद्दा
बड़ीरा की इस ओपन कास्ट खदान में पहले भी कई बार धंसने की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें मौतें हुई हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रोजाना 3-4 ट्रक अवैध कोयला निकालकर आसपास की भट्टियों में भेजा जाता है।
बीसीसीएल ने स्पष्ट किया कि यह उनकी आधिकारिक खदान नहीं है और घटना अवैध खनन के कारण हुई है। कंपनी ने बचाव कार्य में JCB मशीनें लगाई हैं।
आसनसोल म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के वार्ड काउंसलर अशोक पासवान ने घटना की पुष्टि की है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
घटना के बाद इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई है, जिसमें मृतकों के परिजन भी शामिल हैं। वे रो-रोकर शवों की एक झलक पाने की आस में खड़े हैं।
कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि कोयला माफिया मृतकों के परिजनों को मौके से भगाने की कोशिश कर रहे हैं।
यह क्षेत्र अवैध खनन और माफिया गतिविधियों के लिए कुख्यात है, जहां सुरक्षा बलों के बावजूद अवैध काम जारी रहता है।
प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, और मौतों की संख्या बढ़ सकती है। आसनसोल जैसे कोयला क्षेत्रों में अवैध खनन की समस्या बार-बार जानलेवा साबित हो रही है। अपडेट्स के लिए नजर रखें। क्या अवैध खनन पर सख्ती की जरूरत है? कमेंट्स में बताएं!
