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गोमती नदी पर वाटर मेट्रो की सवारी: लखनऊ से शुरू, मथुरा-गोरखपुर तक विस्तार, योगी सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट तेजी पर!

गोमती नदी पर वाटर मेट्रो की सवारी: लखनऊ से शुरू, मथुरा-गोरखपुर तक विस्तार, योगी सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट तेजी पर!

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में परिवहन क्रांति का नया दौर शुरू होने वाला है। राजधानी लखनऊ की लाइफलाइन गोमती नदी में जल्द वाटर मेट्रो दौड़ेगी, जो कोच्चि मेट्रो की तर्ज पर आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और सस्ता परिवहन विकल्प देगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह ड्रीम प्रोजेक्ट अब तेज रफ्तार पकड़ चुका है। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड के निदेशक संजय कुमार के साथ अहम बैठक कर तकनीकी व्यवहार्यता रिपोर्ट पर मंथन किया। रिपोर्ट में साफ कहा गया – गोमती में वाटर मेट्रो चलाना पूरी तरह संभव है!

किन शहरों में मिलेगी सुविधा?

प्राथमिकता: लखनऊ – गोमती नदी में सबसे पहले वाटर मेट्रो शुरू होगी। शहर के रिवरफ्रंट इलाकों को जोड़कर ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से राहत मिलेगी।

विस्तार की योजना: सफलता के बाद मथुरा-अगरा में यमुना नदी, गोरखपुर में रामगढ़ ताल, बलिया में सुरहा ताल और गंगा नदी पर भी वाटर मेट्रो संचालन।

अन्य संभावित शहर: वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर जैसे इलाकों में भी जल परिवहन को बढ़ावा। कुल 11 नदियों (गंगा, यमुना, गोमती आदि) को जलमार्ग बनाने की बड़ी योजना।

क्या फायदे होंगे?

सड़क जाम से मुक्ति: शहरों में वैकल्पिक परिवहन से ट्रैफिक कम होगा।

प्रदूषण में कमी: इलेक्ट्रिक या पर्यावरण अनुकूल बोट्स से जीरो एमिशन।

पर्यटन बूस्ट: रिवरफ्रंट पर टूरिज्म बढ़ेगा, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट्स और घाटों का विकास।

रोजगार सृजन: स्थानीय स्तर पर नौकरियां और आर्थिक गतिविधियां तेज।

सस्ता सफर: आम लोगों को आरामदायक और किफायती विकल्प।

बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि DPR (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) जल्द तैयार कर बजट आवंटन सुनिश्चित करें। कोच्चि मेट्रो के विशेषज्ञ तकनीकी मदद दे रहे हैं। यह प्रोजेक्ट न सिर्फ परिवहन बदलेगा, बल्कि यूपी को जलमार्गों का हब बनाएगा।

क्या यह योगी सरकार का मास्टरस्ट्रोक साबित होगा? जल्द ही गोमती की लहरें मेट्रो की गति से दौड़ेंगी!

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