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ब्रह्मांड की उत्पत्ति पर फिर छिड़ी जंग: हॉकिंग का ‘भगवान नहीं’ वाला बयान वायरल, सोशल मीडिया यूजर्स दो खेमों में बंटे

ब्रह्मांड की उत्पत्ति पर फिर छिड़ी जंग: हॉकिंग का ‘भगवान नहीं’ वाला बयान वायरल, सोशल मीडिया यूजर्स दो खेमों में बंटे

ब्रह्मांड की रचना किसने की – विज्ञान के नियमों ने या किसी ईश्वरीय शक्ति ने? यह सदियों पुराना सवाल एक बार फिर सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। मशहूर भौतिक विज्ञानी स्टीफन हॉकिंग का पुराना बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि ब्रह्मांड खुद-ब-खुद अस्तित्व में आ सकता है और इसके लिए भगवान की जरूरत नहीं है, वायरल हो गया है। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर हजारों यूजर्स इस पर बहस कर रहे हैं, जहां एक तरफ नास्तिक और विज्ञान समर्थक हॉकिंग के तर्कों को सही बता रहे हैं, वहीं धार्मिक लोग इसे खारिज करते हुए ईश्वर की सृष्टि पर जोर दे रहे हैं।

हॉकिंग, जिनकी 2018 में मृत्यु हो चुकी है, अपनी किताब ‘द ग्रैंड डिजाइन’ और विभिन्न इंटरव्यूज में कह चुके हैं कि गुरुत्वाकर्षण जैसे भौतिक नियमों की वजह से ब्रह्मांड ‘कुछ नहीं’ से खुद बन सकता है। एक वायरल पोस्ट में उनका उद्धरण है: “क्योंकि गुरुत्वाकर्षण जैसा नियम है, ब्रह्मांड खुद को कुछ नहीं से बना सकता और बनाएगा। सहज सृष्टि ही कारण है कि कुछ है बजाय कुछ न होने के, ब्रह्मांड क्यों है, हम क्यों हैं। भगवान को ब्रह्मांड शुरू करने की जरूरत नहीं है।” एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा: “जब लोग पूछते हैं कि क्या भगवान ने ब्रह्मांड बनाया, तो मैं कहता हूं कि सवाल खुद बेमानी है। बिग बैंग से पहले समय नहीं था, तो ब्रह्मांड बनाने के लिए भगवान के पास समय कहां? यह पृथ्वी के किनारे की दिशा पूछने जैसा है; पृथ्वी गोल है, उसका कोई किनारा नहीं।”

यह बयान हाल ही में एक्स पर फिर से शेयर हो रहा है, खासकर 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में, जहां हजारों लाइक्स, रीपोस्ट और कमेंट्स आ चुके हैं। एक यूजर ने लिखा: “हॉकिंग ने कहा कि ब्रह्मांड की रचना के लिए भगवान की जरूरत नहीं, लेकिन यह दावा खुद विरोधाभासी है क्योंकि भौतिक नियम खुद कहां से आए?” वहीं, गणितज्ञ जॉन लेन्नॉक्स के हवाले से एक थ्रेड में हॉकिंग के तर्कों की आलोचना की गई है, जहां कहा गया कि भौतिक नियम वर्णनात्मक हैं, सृजनात्मक नहीं – वे चीजों को अस्तित्व में नहीं ला सकते, बल्कि किसी बाहरी शक्ति की जरूरत होती है।

धार्मिक पक्ष के यूजर्स का कहना है कि विज्ञान ब्रह्मांड के ‘कैसे’ का जवाब दे सकता है, लेकिन ‘क्यों’ का नहीं। एक पोस्ट में लिखा: “विज्ञान बिना कारण, व्यवस्था और बुद्धिमत्ता के नहीं चल सकता, जो खुद विज्ञान सिद्ध नहीं कर सकता। ईश्वर में विश्वास ही विज्ञान को संभव बनाता है।” एक अन्य में जीवन की उत्पत्ति पर बहस: “विकास का सिद्धांत जीवन की शुरुआत नहीं समझाता। ईश्वर सबसे संभावित स्पष्टीकरण है।” पादरी जॉन मैकआर्थर का उद्धरण भी वायरल है: “सृष्टि विज्ञान नहीं, अलौकिक घटनाओं की श्रृंखला है, जिसे विज्ञान समझा नहीं सकता।”

विज्ञान समर्थक यूजर्स का तर्क है कि हॉकिंग का बयान तर्कसंगत है और धार्मिक विश्वास से ऊपर है। एक पोस्ट में कहा: “हॉकिंग ने खोजा नहीं, बल्कि दावा किया कि भगवान नहीं है। यह दर्शन है, लेकिन भौतिकी पर आधारित। आभार कोई तर्क नहीं है।” एक अन्य में: “मैं विज्ञान में विश्वास करता हूं, भगवान में नहीं। लेकिन अगर सब कुछ ‘कुछ नहीं’ से आया, तो तुम भी चमत्कार में विश्वास कर रहे हो, बस उसे प्रकृति कहते हो।”

यह बहस 2026 की शुरुआत में और तेज हो गई है, जहां एक्स पर #HawkingVsGod और #UniverseOrigin जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बहस विज्ञान और धर्म के बीच सदियों पुराने संघर्ष को दर्शाती है, लेकिन दोनों एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं। क्या यह बहस कभी खत्म होगी? फिलहाल, सोशल मीडिया पर यूजर्स अपने-अपने तर्कों से एक-दूसरे को कन्विंस करने में जुटे हैं।

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