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निमेसुलाइड बैन: अब नहीं मिलेगी 100 mg से ज्यादा वाली बुखार-दर्द की यह पॉपुलर दवा! सरकार ने लगाया तुरंत प्रतिबंध

निमेसुलाइड बैन: अब नहीं मिलेगी 100 mg से ज्यादा वाली बुखार-दर्द की यह पॉपुलर दवा! सरकार ने लगाया तुरंत प्रतिबंध

नई दिल्ली, 31 दिसंबर 2025: नए साल से पहले स्वास्थ्य मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। दर्द और बुखार की मशहूर दवा निमेसुलाइड की 100 mg से ज्यादा वाली ओरल फॉर्मूलेशन (टैबलेट्स आदि) पर तुरंत बैन लगा दिया गया है। 29 दिसंबर 2025 की गजट नोटिफिकेशन में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इमीडिएट रिलीज फॉर्म में 100 mg से ऊपर वाली निमेसुलाइड मानव स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरी है और इसके सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं। अब इनका निर्माण, बिक्री और वितरण पूरी तरह प्रतिबंधित है।

बैन की वजह क्या?

लिवर टॉक्सिसिटी का खतरा: ICMR की रिपोर्ट में पाया गया कि हाई डोज वाली निमेसुलाइड लिवर डैमेज का कारण बन सकती है, खासकर लंबे इस्तेमाल या बुजुर्गों में।

सुरक्षित अल्टरनेटिव उपलब्ध: पैरासिटामोल, इबुप्रोफेन जैसे NSAIDs ज्यादा सुरक्षित हैं।

DTAB (Drugs Technical Advisory Board) की सिफारिश पर फैसला।

यह बैन Drugs and Cosmetics Act की धारा 26A के तहत लगा है। पहले से ही:

2011 में 12 साल से कम बच्चों में बैन।

जनवरी 2025 में पशुओं में इस्तेमाल पर रोक (गिद्धों की मौत का कारण)।

क्या अब 100 mg वाली दवा भी नहीं मिलेगी?

नहीं! 100 mg या उससे कम वाली निमेसुलाइड अभी उपलब्ध रहेगी। ब्रांड्स जैसे Nise, Nimulid, Nicip आदि की 100 mg टैबलेट्स मिलती रहेंगी। बैन सिर्फ हाई डोज (जैसे 200 mg) पर है।

बाजार पर असर

निमेसुलाइड का मार्केट ₹497 करोड़ का है (11% ग्रोथ)। बड़े ब्रांड्स जैसे Dr Reddy’s (Nise), Cipla आदि प्रभावित होंगे, लेकिन लो डोज वाली बिक्री जारी। फार्मा कंपनियों को स्टॉक वापस लेना होगा।

क्या करें मरीज?

डॉक्टर से सलाह लें।

अल्टरनेटिव: पैरासिटामोल (Crocin, Calpol), इबुप्रोफेन आदि।

पुरानी दवा इस्तेमाल न करें, डॉक्टर से चेक कराएं।

यह फैसला सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए है। नए साल में सुरक्षित रहें!

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