Thursday, June 25, 2026
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उन्नाव रेप केस: Epstein Files की गूंज के बीच SC में ‘इंडियन एप्सटीन’ का जिक्र, कुलदीप सेंगर की जमानत पर रोक

उन्नाव रेप केस: Epstein Files की गूंज के बीच SC में ‘इंडियन एप्सटीन’ का जिक्र, कुलदीप सेंगर की जमानत पर रोक

नई दिल्ली, 30 दिसंबर 2025: अमेरिकी सेक्स ट्रैफिकर जेफ्री एप्सटीन फाइल्स की वैश्विक चर्चा के बीच भारत में भी इसका असर दिखा। सुप्रीम कोर्ट में उन्नाव रेप केस की सुनवाई के दौरान कुलदीप सिंह सेंगर को ‘इंडियन एप्सटीन गैंग’ का सदस्य बताया गया। पीड़िता के वकील मेहमूद प्राचा ने यह टिप्पणी की, जिससे कोर्टरूम में सनसनी फैल गई। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें पूर्व बीजेपी विधायक सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित कर जमानत दी गई थी। अब सेंगर जेल में ही रहेंगे।

पूरी कहानी क्या है?

2017 का मामला: जून 2017 में उन्नाव की नाबालिग लड़की ने नौकरी के बहाने कुलदीप सेंगर पर अपहरण और बलात्कार का आरोप लगाया। पीड़िता के पिता की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई, जिसमें भी सेंगर दोषी ठहराए गए।

2019 में सजा: दिसंबर 2019 में दिल्ली की ट्रायल कोर्ट ने सेंगर को IPC और POCSO एक्ट के तहत उम्रकैद सुनाई। अलग केस में पिता की मौत के लिए 10 साल की सजा।

2025 का ट्विस्ट: 23 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंगर की सजा निलंबित कर जमानत दे दी। हाईकोर्ट ने कहा कि विधायक ‘पब्लिक सर्वेंट’ की परिभाषा में नहीं आता, इसलिए POCSO की सख्त धाराएं लागू नहीं। इससे देशभर में आक्रोश फैला, प्रदर्शन हुए।

CBI की अपील: सीबीआई ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी। 29 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट की वेकेशन बेंच (CJI सूर्या कांत सहित) ने हाईकोर्ट के आदेश पर स्टे लगा दिया। कोर्ट ने कहा, “अजीबोगरीब परिस्थितियों” में यह जरूरी है। सेंगर को 4 हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा गया।

Epstein कनेक्शन: एप्सटीन फाइल्स में पावरफुल लोगों के सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन का खुलासा हो रहा है। इसी बैकड्रॉप में पीड़िता के वकील ने सेंगर को ‘इंडियन एप्सटीन गैंग’ का सरगना बताया। कोर्ट ने POCSO में ‘पब्लिक सर्वेंट’ की व्याख्या पर सवाल उठाया।

पीड़िता ने SC के फैसले पर खुशी जताई और कहा, “सेंगर को फांसी दिलवाऊंगी।” उनका परिवार सुरक्षा की मांग कर रहा है। यह केस न्याय व्यवस्था में विश्वास और पावर के दुरुपयोग की लड़ाई का प्रतीक बन गया है। आगे जनवरी में सुनवाई।

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