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KGMU धर्मांतरण केस: 7 दिन से फरार आरोपी डॉक्टर रमीज, तीन राज्यों में छापेमारी, पुलिस अब भी खाली हाथ

KGMU धर्मांतरण केस: 7 दिन से फरार आरोपी डॉक्टर रमीज, तीन राज्यों में छापेमारी, पुलिस अब भी खाली हाथ

लखनऊ, 30 दिसंबर 2025: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में सहकर्मी महिला डॉक्टर पर यौन शोषण, ब्लैकमेल और शादी के लिए जबरन धर्मांतरण का दबाव बनाने के आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज मलिक सात दिनों से फरार है। आखिरी बार 23 दिसंबर को लखनऊ में देखे गए रमीज का मोबाइल फोन बंद है, जिससे लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है। लखनऊ पुलिस ने तीन विशेष टीमें गठित की हैं, जो उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर में छापेमारी कर रही हैं, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला।

क्या है पूरा मामला?

पैथोलॉजी विभाग की महिला रेजिडेंट डॉक्टर (पश्चिम बंगाल की रहने वाली) ने आरोप लगाया कि रमीज ने खुद को अविवाहित बताकर जुलाई 2025 से रिश्ता बनाया, शारीरिक संबंध बनाए और फिर शादी के लिए इस्लाम कबूल करने की शर्त रखी। जब पीड़िता ने इनकार किया तो ब्लैकमेल किया और निजी फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी दी। दबाव से तंग आकर पीड़िता ने 17 दिसंबर को हॉस्टल में दवाओं की ओवरडोज लेकर आत्महत्या की कोशिश की। 23 दिसंबर को चौक थाने में FIR दर्ज हुई, जिसमें BNS की धाराएं (यौन शोषण, धोखाधड़ी, धमकी) और UP धर्मांतरण निषेध कानून शामिल हैं।

पुलिस की तलाश और चुनौतियां

उत्तराखंड के खटीमा (रमीज का पैतृक गांव) में टीम भेजी गई, परिजनों से पूछताछ हुई, लेकिन खाली हाथ लौटी।

नोएडा में रमीज की पत्नी (जिनसे फरवरी 2025 में कथित रूप से धर्मांतरण कराकर शादी की) से पूछताछ की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।

KGMU ने रमीज को सस्पेंड कर कैंपस एंट्री बैन की। विश्वका कमिटी और 5 सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग पैनल जांच कर रहे हैं।

महिला आयोग और डॉक्टर्स एसोसिएशन ने सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शन भी हुए। CM योगी ने पीड़िता से बात की और सुरक्षा बढ़ाई। जांच में ‘गैंग’ और ‘रैडिकलाइजेशन’ के भी आरोप लगे। पुलिस का दावा है कि जल्द गिरफ्तारी होगी, लेकिन फरारी से सवाल उठ रहे हैं।

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