संसद शीतकालीन सत्र 2025 का समापन: 8 प्रमुख विधेयक पारित, एक JPC को भेजा गया; हंगामे के बीच बड़े सुधार
संसद शीतकालीन सत्र 2025 का समापन: 8 प्रमुख विधेयक पारित, एक JPC को भेजा गया; हंगामे के बीच बड़े सुधार
संसद का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया। इस 19 दिवसीय सत्र में 15 बैठकों के दौरान लोकसभा की उत्पादकता 111% और राज्यसभा की 121% रही। हंगामे और विपक्षी विरोध के बावजूद सरकार ने 8 महत्वपूर्ण विधेयक दोनों सदनों से पारित कराए, जबकि विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025 को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेज दिया गया।
पारित प्रमुख विधेयक:
विकसित भारत ग्राम रोजगार और मानव गरिमा (VB-G RAM G) विधेयक 2025: मनरेगा की जगह लेने वाला यह विधेयक ग्रामीण परिवारों को 125 दिन का गारंटीड रोजगार देगा। विपक्ष ने महात्मा गांधी का नाम हटाने और जल्दबाजी का आरोप लगाते हुए भारी हंगामा किया, रातभर धरना दिया।
सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (SHANTI) विधेयक 2025: परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी भागीदारी का रास्ता खोलता है। सुरक्षा मानकों और दायित्व ढांचे में बदलाव।
सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानून संशोधन) विधेयक 2025: बीमा क्षेत्र में FDI को 74% से बढ़ाकर 100% किया।
मणिपुर जीएसटी (दूसरा संशोधन) विधेयक 2025, केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक 2025, स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक 2025, निरसन एवं संशोधन विधेयक 2025 (71 पुराने कानून निरस्त) और विनियोग विधेयक भी पारित हुए।
JPC को भेजा गया विधेयक: उच्च शिक्षा नियामक स्थापित करने वाला विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025 JPC को भेजा गया।
सत्र में प्रदूषण, इलेक्टोरल रिफॉर्म्स और वंदे मातरम के 150 वर्ष पर चर्चा हुई, लेकिन कई मुद्दों पर विपक्ष ने हंगामा किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सत्र को ‘उत्पादक’ बताया, जबकि कांग्रेस ने ‘प्रदूषणकालीन’ करार दिया। स्पीकर ओम बिरला की चाय पार्टी में प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी की गर्मजोशी वाली तस्वीरें चर्चा में रहीं।
यह सत्र सुधारों की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, लेकिन विपक्ष ने जल्दबाजी और चर्चा की कमी का आरोप लगाया।
