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हरिद्वार ज्वालापुर में बजरंग दल की शौर्य यात्रा पर पथराव: कार्यकर्ताओं का भारी हंगामा, बुलडोजर लेकर सड़क पर उतरे, 24 घंटे में गिरफ्तारी की चेतावनी

हरिद्वार ज्वालापुर में बजरंग दल की शौर्य यात्रा पर पथराव: कार्यकर्ताओं का भारी हंगामा, बुलडोजर लेकर सड़क पर उतरे, 24 घंटे में गिरफ्तारी की चेतावनी

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के ज्वालापुर इलाके में रविवार शाम को बजरंग दल की ‘शौर्य यात्रा’ पर अचानक पथराव होने से तनाव फैल गया। यात्रा के दौरान राम चौक पहुंचते ही कथित रूप से कुछ लोगों ने पत्थर फेंक दिए, जिससे यात्रियों और कार्यकर्ताओं में हड़कंप मच गया। आक्रोशित बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और कुछ लोग बुलडोजर तक लेकर मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने भारी बल तैनात कर हालात को काबू में किया, लेकिन संगठन ने 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।

बजरंग दल के प्रदेश अध्यक्ष अनुज वालिया ने बताया कि यात्रा ज्वालापुर, हरिद्वार शहर और कनखल से निकलकर राम चौक पर मिलने वाली थी। जैसे ही जुलूस राम चौक पहुंचा, वहां से पथराव शुरू हो गया। “यह हमला हिंदू संगठनों पर सीधा प्रहार है। हरिद्वार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है। धार्मिक यात्राओं पर खुलेआम हमले प्रशासन की विफलता दिखाते हैं,” वालिया ने कहा। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पथराव मुस्लिम पक्ष की ओर से किया गया, हालांकि पुलिस ने इसे अज्ञात लोगों का कृत्य बताया है। घटना के वीडियो वायरल हो चुके हैं, जिसमें अफरा-तफरी और पत्थर फेंकते लोग दिख रहे हैं।

हरिद्वार सिटी एसपी अभय प्रताप सिंह ने पुष्टि की कि पथराव की घटना हुई है और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। “अज्ञात लोगों के खिलाफ IPC की धारा 147 (दंगा भड़काना), 323 (मारपीट) और 506 (धमकी) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा,” उन्होंने कहा। ज्वालापुर थाने के आसपास भारी पुलिस बल तैनात है और इलाके में सतर्कता बरती जा रही है। डीएम और एसएसपी ने स्थानीय नेताओं से बात कर शांति बनाए रखने का आग्रह किया।

यह घटना हरिद्वार के धार्मिक महत्व को देखते हुए संवेदनशील है। बजरंग दल की यह यात्रा ‘शौर्य दिवस’ के उपलक्ष्य में निकाली गई थी, जो हिंदू संगठनों की एकजुटता दिखाने का मंच है। कार्यकर्ताओं ने धरना भी दिया और नारेबाजी की। विपक्षी दलों ने भी सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हमले सांप्रदायिक तनाव बढ़ा सकते हैं, इसलिए प्रशासन को सख्ती बरतनी चाहिए। फिलहाल, इलाका शांत है, लेकिन गिरफ्तारियां तय समय पर न हुईं तो हंगामा और भड़क सकता है।

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