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योगी कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसले: अयोध्या में वर्ल्ड क्लास मंदिर म्यूजियम, 5 लाख करोड़ के निवेश को हरी झंडी

योगी कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसले: अयोध्या में वर्ल्ड क्लास मंदिर म्यूजियम, 5 लाख करोड़ के निवेश को हरी झंडी

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगा दी, जो राज्य के विकास और धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। 21 प्रस्तावों में से 20 को मंजूरी मिली, जिसमें अयोध्या में विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय (टेम्पल म्यूजियम) की स्थापना के लिए 52.102 एकड़ जमीन टाटा एंड संस को हस्तांतरित करना प्रमुख है। इसके अलावा, 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी देकर सरकार ने आर्थिक विकास को गति देने का संकल्प जताया। यह फैसले अयोध्या को वैश्विक सांस्कृतिक केंद्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।

कैबिनेट बैठक में अयोध्या के मंदिर संग्रहालय को लेकर बड़ा कदम उठाया गया। पहले 25 एकड़ जमीन आवंटित थी, लेकिन टाटा ग्रुप की मांग पर अतिरिक्त 27.102 एकड़ जमीन आवास एवं शहरी नियोजन विभाग से पर्यटन विभाग को हस्तांतरित की गई। अब कुल 52.102 एकड़ क्षेत्र में यह संग्रहालय बनेगा, जिसे टाटा संस कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत एक नॉट-फॉर-प्रॉफिट स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) के माध्यम से विकसित और संचालित करेगी। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा, “यह म्यूजियम दुनिया भर के मंदिरों की डिजाइन, इतिहास और संस्कृति को प्रदर्शित करेगा। राम जन्मभूमि मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में रोजाना 2-4 लाख पर्यटक आ रहे हैं, इसलिए यह परियोजना पर्यटन को बढ़ावा देगी।” टाटा ग्रुप ने सितंबर 2024 में केंद्र, राज्य और कंपनी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे, और अब 90 वर्ष की लीज पर प्रतीकात्मक 1 रुपये में जमीन मिलेगी।

दूसरा बड़ा फैसला आर्थिक निवेश से जुड़ा है। कैबिनेट ने 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी, जो इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति-2005 और 2014 के तहत निष्क्रिय परियोजनाओं को निरस्त करने और सक्रिय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए है। इससे पुरानी परियोजनाओं को पुनर्जीवित किया जाएगा, जिससे रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे का विकास होगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “ये निवेश अयोध्या के साथ-साथ पूरे UP को वैश्विक निवेश हब बनाएंगे।” इसके अलावा, ‘उत्तर प्रदेश अधीनस्थ पर्यटन सेवा नियमावली, 2025’ को मंजूरी मिली, जो पर्यटन अधिकारियों की भर्ती और भूमिकाओं को स्पष्ट करेगी। UPPSC अधिकारी स्तर की भर्ती करेगा, जबकि UPSSSC फील्ड स्तर पर।

अन्य फैसलों में वाराणसी के सिगरा स्टेडियम को हाई-टेक बनाने और प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र स्थापित करने को हरी झंडी दी गई। सबसे खास, बागपत जिले के हरिया खेड़ा गांव में 70.885 हेक्टेयर जमीन पर ‘इंटरनेशनल योगा एंड वेलनेस सेंटर’ की स्थापना को मंजूरी मिली। यह केंद्र योग, नेचरोपैथी और वेलनेस पर्यटन को बढ़ावा देगा, जिससे स्थानीय रोजगार और आर्थिक विकास होगा। सीएम योगी ने बैठक के बाद कहा, “ये फैसले अयोध्या को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में हैं। राम जन्मभूमि का विकास अब पर्यटन और अर्थव्यवस्था का इंजन बनेगा।”

विपक्ष ने फैसलों का स्वागत किया, लेकिन कुछ ने निवेश की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। विशेषज्ञों का मानना है कि म्यूजियम से अयोध्या का पर्यटन 50% बढ़ेगा, जबकि 5 लाख करोड़ का निवेश UP को 10 लाख नौकरियां देगा। ये फैसले न केवल सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करेंगे, बल्कि राज्य की GDP को भी दोगुना करने में मददगार साबित होंगे।

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