पाकिस्तान से फंडिंग, अमेरिका से हैंडलर: गुरदासपुर ग्रेनेड अटैक में ISI का खौफनाक नेटवर्क बेनकाब
पाकिस्तान से फंडिंग, अमेरिका से हैंडलर: गुरदासपुर ग्रेनेड अटैक में ISI का खौफनाक नेटवर्क बेनकाब
पंजाब के गुरदासपुर में 25 नवंबर को सिटी पुलिस स्टेशन पर हुए ग्रेनेड हमले की जांच ने एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया है। पंजाब पुलिस और दिल्ली स्पेशल सेल की संयुक्त कार्रवाई में चार संदिग्ध गिरफ्तार हुए, जिनके कब्जे से एक P-86 हैंड ग्रेनेड, दो पिस्टल (जिगाना और .32 बोर) और 10 लाइव कार्ट्रिज बरामद की गईं। शुरुआती पूछताछ से साफ हुआ कि यह हमला पाकिस्तान की ISI द्वारा प्रायोजित गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके साथी जीशान अख्तर के इशारे पर अंजाम दिया गया। फंडिंग पाकिस्तान से, जबकि अमेरिका में छिपा हैंडलर अमनदीप सिंह उर्फ अमन पन्नू (गुरदासपुर निवासी) ने भारतीय ‘फुट सोल्जर्स’ को भर्ती कर हमलों को अंजाम दिया।
बॉर्डर रेंज के डीआईजी संदीप गोयल ने बताया, “यह मॉड्यूल सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को पैसे का लालच देकर भर्ती करता था। अमन पन्नू ने गुरदासपुर में हथियारों की सप्लाई की और भट्टी के निर्देश पर ग्रेनेड हमला करवाया।” गिरफ्तार—प्रदीप कुमार (होशियारपुर), गुरदीप सिंह (गुरदासपुर), नवीन चौधरी और कुश (दोनों होशियारपुर के तलवाड़ा)। पूछताछ में प्रदीप-गुरदीप ने खुलासा किया कि नवीन-कुश को जीशान ने दो ग्रेनेड भेजे थे, जिनमें से एक हरगुन, विकास और मोहन को सौंपा गया। हरगुन-विकास को दिल्ली पुलिस ने पहले गिरफ्तार किया था। अमन पन्नू डोंकी रूट से अमेरिका गया और वहां से भर्ती व फंडिंग का जिम्मा संभाल रहा था।
जांच से पता चला कि भट्टी दुबई, अमेरिका, कनाडा और भारत में हथियारों की तस्करी करता है। यह मॉड्यूल लॉरेंस बिश्नोई के भाई अन्मोल पर हमले की साजिश रच रहा था, जो हाल ही अमेरिका से डिपोर्ट हुआ। भट्टी ने सोशल मीडिया पर युवाओं को टारगेट किया—प्रोफाइल चेक कर पैसे का वादा किया। हमले के लिए रेकी, कैश पेमेंट और लॉजिस्टिक्स रिमोट से कंट्रोल होते थे। गुरदासपुर हमले के बाद अमृतसर टाउन हॉल और अन्य जगहों पर ग्रेनेड अटैक की योजना थी, ताकि पाकिस्तान से और फंडिंग मिले। मोबाइल फोन्स से भट्टी के साथ इंक्रिमिनेटिंग चैट्स और रेकी वीडियो बरामद हुए।
पंजाब पुलिस ने एक और हमले को नाकाम कर दिया—गिरफ्तारियों से एक ग्रेनेड जब्त। एसएसपी गुरदासपुर आदित्य ने कहा, “तकनीकी और इंटेलिजेंस लीड्स से जगतपुर गांव के पास संदिग्धों को पकड़ा।” यह नेटवर्क पंजाब में दहशत फैलाने का प्रयास था, लेकिन सतर्कता से विफल। विशेषज्ञों का कहना है कि ISI ऐसे मॉड्यूल्स से भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रही। सीएम भगवंत सिंह मान की ‘सुरक्षित पंजाब’ मुहिम का यह बड़ा झटका है। केंद्र ने पाकिस्तान को दोषी ठहराते हुए कूटनीतिक दबाव बढ़ाने का संकेत दिया। फिलहाल, पूछताछ जारी, और अधिक गिरफ्तारियां संभव।
