ऑपरेशन सिंदूर में चीन की नापाक चाल: पाकिस्तान के जरिए हथियारों का ‘लाइव टेस्ट’, US रिपोर्ट में खुलासा!
ऑपरेशन सिंदूर में चीन की नापाक चाल: पाकिस्तान के जरिए हथियारों का ‘लाइव टेस्ट’, US रिपोर्ट में खुलासा!
मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच चले चार दिवसीय तनावपूर्ण संघर्ष ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर अमेरिकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट ने नया मोड़ दे दिया है। US-China Economic and Security Review Commission (USCC) की 2025 वार्षिक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन ने इस संघर्ष को अपने आधुनिक हथियारों का ‘रीयल-वर्ल्ड फील्ड एक्सपेरिमेंट’ बनाने के लिए इस्तेमाल किया। पाकिस्तान को सप्लाई किए गए चीनी हथियारों – जैसे HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम, PL-15 एयर-टू-एयर मिसाइल और J-10 फाइटर जेट – का पहली बार युद्ध में परीक्षण हुआ, और बीजिंग ने इसे अपनी डिफेंस एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने का मौका बनाया। रिपोर्ट में कहा गया, “बीजिंग ने अवसर का फायदा उठाकर संघर्ष को हथियारों की परिष्कृतता का परीक्षण और प्रचार करने के लिए इस्तेमाल किया, जो भारत के साथ सीमा तनाव और अपनी रक्षा उद्योग की महत्वाकांक्षाओं के संदर्भ में उपयोगी साबित हुआ।”
ऑपरेशन सिंदूर क्या था? पृष्ठभूमि
ट्रिगर: 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिक (ज्यादातर पर्यटक) मारे गए। भारत ने इसे पाकिस्तान-समर्थित आतंकी ग्रुप्स से जोड़ा।
भारत की कार्रवाई: 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत ने पाकिस्तान और PoK में आतंकी कैंपों पर प्रिसिजन स्ट्राइक्स कीं। राफेल जेट्स, मिसाइलें और ड्रोन का इस्तेमाल। भारत ने दावा किया कि 50+ आतंकी मारे गए, बिना किसी बड़े नुकसान के।
पाकिस्तान का जवाब: पाक ने काउंटर-अटैक किया, दावा किया कि 5-6 भारतीय जेट्स (राफेल सहित) मार गिराए। संघर्ष 10 मई को युद्धविराम पर रुका।
परिणाम: दोनों पक्षों ने अपनी जीत का दावा किया, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान को चीनी हथियारों से ‘मिलिट्री सक्सेस’ मिली, जिससे चीन को फायदा हुआ।
चीन की ‘नापाक चाल’: पाकिस्तान के जरिए हथियारों का परीक्षण
USCC रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने सीधे संघर्ष में कूदने से बचते हुए पाकिस्तान को अपने हथियार सप्लाई कर ‘प्रॉक्सी टेस्टिंग’ की:
पहली बार युद्ध परीक्षण: HQ-9 (एयर डिफेंस), PL-15 (एयर-टू-एयर मिसाइल) और J-10 फाइटर पहली बार एक्टिव कॉम्बैट में इस्तेमाल हुए। इससे PLA (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) को वैल्यूएबल डेटा मिला।
सेल्स प्रमोशन: संघर्ष के बाद जून 2025 में चीन ने पाकिस्तान को 40 J-35 फिफ्थ-जनरेशन फाइटर जेट्स, KJ-500 AWACS एयरक्राफ्ट और बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम बेचने का ऑफर दिया।
इंटेलिजेंस सपोर्ट: पाकिस्तान ने चीनी इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया, जो सीमा पार साजिशों को बढ़ावा देता है।
रिपोर्ट का दावा: “यह संघर्ष चीन के हथियारों का पहला कॉम्बैट टेस्ट था, जो डिफेंस एक्सपोर्ट की विश्वसनीयता बढ़ाएगा।” SIPRI 2025 रिपोर्ट के अनुसार, चीन का ग्लोबल आर्म्स एक्सपोर्ट सिर्फ 5.9% है, लेकिन पाकिस्तान इसका सबसे बड़ा खरीदार।
डिसइनफॉर्मेशन कैंपेन: राफेल को बदनाम करने की साजिश
रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला खुलासा है चीन का ‘डिसइनफॉर्मेशन वॉर’ – फ्रेंच राफेल जेट्स को डिसक्रेडिट करने के लिए:
तकनीक: फेक सोशल मीडिया अकाउंट्स, AI-जनरेटेड इमेजेस और वीडियो गेम फुटेज का इस्तेमाल। दावा किया गया कि चीनी हथियारों ने राफेल के ‘डेब्री’ (मलबे) को नष्ट किया।
मकसद: राफेल की सेल्स रोकना, J-35 को प्रमोट करना। फ्रेंच इंटेलिजेंस के अनुसार, चीन ने इंडोनेशिया को 42 राफेल खरीदने से रोक दिया।
प्रभाव: सोशल मीडिया पर #BoycottRafale जैसे ट्रेंड्स चले, जो पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा से लिंक्ड थे। X (पूर्व ट्विटर) पर यूजर्स ने इसे ‘चीनी साजिश’ बताया।
भारत पर असर: राजनीतिक विवाद और स्ट्रैटेजिक चेतावनी
भारतीय प्रतिक्रिया: कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने इसे ‘डिप्लोमेसी के लिए झटका’ बताया, क्योंकि रिपोर्ट में पहलगाम अटैक को ‘इंसर्जेंट अटैक’ कहा गया और पाकिस्तान की ‘सक्सेस’ का जिक्र। PM मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को ‘स्ट्रैटेजिक मास्टरक्लास’ बताया, लेकिन विपक्ष ने सरकार से US के खिलाफ विरोध की मांग की।
क्षेत्रीय खतरा: रिपोर्ट भारत-चीन सीमा तनाव (LAC) से जोड़ती है। चीन-पाकिस्तान मिलिट्री कोऑपरेशन बढ़ा, जो भारत की सुरक्षा को चुनौती।
विशेषज्ञ राय: मिलिट्री एनालिस्ट्स का कहना – यह ‘प्रॉक्सी वॉर’ नहीं, लेकिन चीन का ‘ओपर्चुनिस्टिक’ रोल साफ। भारत को अपनी डिफेंस इंडिपेंडेंस बढ़ानी होगी।
आगे क्या? सलाह और सबक
भारत के लिए: राफेल जैसे वेस्टर्न हथियारों पर भरोसा, लेकिन स्वदेशी टेक (तेजस, ब्रह्मोस) को मजबूत करें। डिसइनफॉर्मेशन से बचाव के लिए साइबर यूनिट्स बढ़ाएं।
ग्लोबल संदर्भ: USCC रिपोर्ट US कांग्रेस को सबमिट, जो चीन की आर्म्स एम्बिशन पर फोकस करती है। भारत-US क्वाड जैसे प्लेटफॉर्म्स से कोऑर्डिनेट करें।
X पर रिएक्शन: यूजर्स ने इसे ‘पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा’ कहा, कुछ ने ‘ट्रंप के दावों’ से जोड़ा।
यह रिपोर्ट भारत के लिए जागृति का संकेत है – सीमा पर सतर्कता जरूरी। अपडेट्स के लिए USCC वेबसाइट या आधिकारिक स्रोत चेक करें।
