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G20 शिखर सम्मेलन: जोहान्सबर्ग पहुंचे PM मोदी, अफ्रीका के पहले शिखर में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश

G20 शिखर सम्मेलन: जोहान्सबर्ग पहुंचे PM मोदी, अफ्रीका के पहले शिखर में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग पहुंचकर G20 लीडर्स समिट में भाग लेने की तैयारी शुरू कर दी। यह अफ्रीका महाद्वीप पर आयोजित पहला G20 शिखर सम्मेलन है, जो दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता में 22-23 नवंबर को होगा। PM मोदी को वाटरक्लूफ एयर फोर्स बेस (AFB) पर पारंपरिक स्वागत मिला, जहां कलाकारों ने सांस्कृतिक गीतों और नृत्यों से उनका अभिनंदन किया। यह यात्रा PM मोदी की दक्षिण अफ्रीका की चौथी आधिकारिक यात्रा है, जिसमें 2016 की द्विपक्षीय यात्रा और 2018 व 2023 के BRICS समिट शामिल हैं।

PM मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “जोहान्सबर्ग पहुंच गया हूं। G20 से जुड़े कार्यक्रमों के लिए उत्सुक हूं। विश्व नेताओं के साथ उत्पादक चर्चाओं की उम्मीद है। हमारा फोकस सहयोग मजबूत करने, विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और सभी के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने पर होगा।” उन्होंने भारत का दृष्टिकोण ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ के अनुरूप पेश करने का वादा किया। यह शिखर सम्मेलन ग्लोबल साउथ का चौथा लगातार आयोजन है, जिसमें इंडोनेशिया, भारत और ब्राजील के बाद दक्षिण अफ्रीका होस्ट कर रहा है।

शिखर सम्मेलन का थीम ‘सॉलिडैरिटी, इक्वालिटी एंड सस्टेनेबिलिटी’ है, जो दक्षिण अफ्रीका ने नई दिल्ली और रियो डी जेनेरियो के पिछले समिट्स के परिणामों को आगे बढ़ाने के लिए चुना है। PM मोदी तीन सत्रों में बोलेंगे, जहां वैश्विक मुद्दों जैसे जलवायु वित्त, विकासशील देशों के लिए कर्ज राहत, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बहुपक्षीय सुधारों पर चर्चा होगी। अफ्रीकी यूनियन को 2023 में भारत की अध्यक्षता के दौरान G20 सदस्य बनाने का श्रेय भारत को जाता है, जो इस समिट का एक प्रमुख मील का पत्थर बनेगा।

समिट के साइडलाइन्स पर PM मोदी कई द्विपक्षीय बैठकें करेंगे, जिसमें IBSA (इंडिया-ब्राजील-साउथ अफ्रीका) ग्रुप की छठी समिट शामिल है। दक्षिण अफ्रीका में भारतीय प्रवासी समुदाय, जो भारत के बाहर सबसे बड़े समुदायों में से एक है, से भी उनकी मुलाकात होगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा, “यह यात्रा भारत के ग्लोबल साउथ में सक्रिय भूमिका को मजबूत करेगी।”

हालांकि, समिट अमेरिका-दक्षिण अफ्रीका के बीच तनाव के साये में हो रहा है, जहां अमेरिका की भागीदारी पर चर्चा चल रही है। दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने कहा, “हम अमेरिका के साथ बातचीत में हैं, लेकिन समिट वैश्विक एकता का प्रतीक बनेगा।” PM मोदी की उपस्थिति इस समिट को वैश्विक सहयोग की दिशा में एक मजबूत संदेश देगी। क्या यह शिखर अफ्रीकी प्राथमिकताओं को वैश्विक एजेंडे में जगह दिलाएगा? नजरें 23 नवंबर तक टिकी हैं।

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