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फर्जी ‘भारतीय शिक्षा परिषद’ यूनिवर्सिटी के टेरर लिंक बेनकाब: UGC बैन के बावजूद ऑनलाइन ठगी, देशभर में 1300 केस!

फर्जी ‘भारतीय शिक्षा परिषद’ यूनिवर्सिटी के टेरर लिंक बेनकाब: UGC बैन के बावजूद ऑनलाइन ठगी, देशभर में 1300 केस!

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित फर्जी ‘भारतीय शिक्षा परिषद यूनिवर्सिटी’ (जिसे अक्सर ‘बैन यूनिवर्सिटी’ कहा जाता है) के आतंकी कनेक्शन ने सुरक्षा एजेंसियों को हिला दिया है। आजतक की विशेष जांच में सामने आया है कि यह UGC से वर्षों पहले बैन हो चुकी संस्था अब भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय है और डिग्री बेचकर लाखों छात्रों को ठग रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस यूनिवर्सिटी के लिंक कई बड़े आतंकी मामलों से जुड़े पाए गए हैं, जिससे जांच एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं। पूरे देश में इस संस्था के खिलाफ 1300 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जो फर्जी डिग्री घोटाले और धोखाधड़ी के हैं।

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय शिक्षा परिषद 2010 से ही UGC की काली सूची में है, लेकिन इसकी वेबसाइट और ऐप्स के जरिए ऑनलाइन कोर्स और डिग्री बेची जा रही हैं। छात्रों को आकर्षित करने के लिए सस्ती फीस (केवल 5-10 हजार रुपये में BA, BEd जैसी डिग्री) का लालच दिया जाता है। लेकिन डिग्री मिलने के बाद नौकरी या आगे पढ़ाई में असली समस्या आती है, क्योंकि ये फर्जी साबित होती हैं। लखनऊ के लाल क्लब रोड पर स्थित इसका कथित हेडक्वार्टर अब खाली पड़ा है, लेकिन ऑनलाइन सर्वर विदेशी होस्टिंग पर चल रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह ‘हाइब्रिड टेरर’ मॉडल का हिस्सा हो सकता है, जहां फर्जी संस्थाएं आतंकी फंडिंग के लिए इस्तेमाल होती हैं।

सुरक्षा एजेंसियों ने अब इस संस्था को उन फर्जी यूनिवर्सिटीज की सूची में डाल दिया है, जिनकी जांच टेरर फंडिंग एंगल से हो रही है। हाल ही में दिल्ली ब्लास्ट केस में बांग्लादेशी लिंक (ABT और LeT) सामने आने के बाद, एजेंसियां बॉर्डर जिलों पर फोकस कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, इस यूनिवर्सिटी के कुछ पूर्व ‘स्टूडेंट्स’ या ‘फैकल्टी’ के नाम एनआईए की वॉचलिस्ट पर हैं, जो कट्टरपंथी मॉड्यूल्स से जुड़े हैं। 2024-25 में ही 200 से ज्यादा छात्रों ने फर्जी डिग्री के चलते नौकरी खो दी, और कई ने आत्महत्या तक की कोशिश की।

UGC के अधिकारियों ने चेतावनी जारी की है कि ऐसी संस्थाओं से बचें। वे केवल मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटीज की ही लिस्ट जारी करते हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संसद में कहा, “फर्जी शिक्षा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साइबर सेल के साथ मिलकर ऑनलाइन ठगी पर शिकंजा कसा जाएगा।” पुलिस ने संस्था के मालिकों की तलाश तेज कर दी है, जो फरार बताए जा रहे हैं।

यह मामला न केवल शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरे में डालता है। छात्रों से अपील है कि डिग्री लेने से पहले UGC वेबसाइट चेक करें। सरकार की सख्ती से उम्मीद है कि ऐसे घोटाले थमेंगे, लेकिन तब तक सतर्क रहना जरूरी है। क्या यह टेरर फंडिंग का नया रास्ता है? जांच जारी है…

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