‘चुनाव न लड़ना मेरी गलती’: जन सुराज को 4% वोट पर प्रशांत किशोर का इंटरव्यू, बोले- ‘ब्लाइंड खेला, अपेक्षा नहीं थी इतनी हार’
‘चुनाव न लड़ना मेरी गलती’: जन सुराज को 4% वोट पर प्रशांत किशोर का इंटरव्यू, बोले- ‘ब्लाइंड खेला, अपेक्षा नहीं थी इतनी हार’
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जन सुराज पार्टी (JSP) की करारी हार के बाद संस्थापक प्रशांत किशोर ने पहली बार खुलकर बात की। NDTV को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में किशोर ने कहा, “चुनाव न लड़ना मेरी गलती थी। अगर मैं खुद मैदान में उतरता तो शायद परिणाम अलग होते।” JSP ने 238 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन एक भी सीट नहीं जीती। वोट शेयर मात्र 3.44% रहा, जो 4% से भी कम है। 68 सीटों पर तो JSP को ‘नोटा’ से भी कम वोट मिले। किशोर ने इसे ‘व्यक्तिगत हार’ मानते हुए कहा, “मैंने कभी अपने सर्वे नहीं कराए, ब्लाइंड खेला। कभी सोचा नहीं था कि इतना कम वोट मिलेंगे।”
किशोर ने हार की जिम्मेदारी खुद ली। उन्होंने बताया कि पार्टी ने बेरोजगारी, पलायन और उद्योगों की कमी जैसे मुद्दों पर जोर दिया, लेकिन वोटरों का भरोसा जीतने में नाकाम रही। “मैंने रघोपुर से तेजस्वी यादव के खिलाफ लड़ने का ऐलान किया था, लेकिन बाद में फैसला बदला। अब लगता है वो गलती थी।” उन्होंने NDA सरकार पर भी निशाना साधा। दावा किया कि चुनाव से ठीक पहले 40,000 करोड़ रुपये के वादे किए गए – हर विधानसभा में 60,000 लाभार्थियों को 10,000 रुपये दिए, और 1.5 करोड़ महिलाओं को स्वरोजगार के नाम पर 2 लाख का लालच। “वर्ल्ड बैंक का 14,000 करोड़ का लोन भी इसी में उड़ा दिया। अगर ये फ्रीबीज न होतीं, तो नीतीश कुमार की JDU को महज 25 सीटें मिलतीं।” किशोर ने कहा कि ये ‘लोकलुभावन’ योजनाएं वोट खरीदने का हथकंडा थीं।
JSP की हार ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंकाया। एग्जिट पोल्स ने 0-5 सीटें बताई थीं, लेकिन रिजल्ट ने इसे शून्य कर दिया। किशोर ने पार्टी की शुरुआत 2022 के पध्यात्रा से की थी, जिसमें 1 करोड़ सदस्यता का दावा किया। लेकिन BBC की रिपोर्ट में कहा गया कि ‘ध्यान आकर्षण संगठन नहीं बन पाया।’ इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, किशोर का चुनाव न लड़ना वोटरों में संदेह पैदा कर गया – ‘क्या ये प्रयोग है या सच्ची वैकल्पिक राजनीति?’ हिंदुस्तान टाइम्स ने लिखा कि JSP का वोट शेयर NDA या महागठबंधन को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा, बल्कि खुद की जमानत जब्त हो गई।
किशोर ने भविष्य पर बात की। “हम हार मानने वाले नहीं। 2030 तक बिहार को नंबर 1 बनाएंगे।” उन्होंने कहा कि पार्टी अब संगठन मजबूत करेगी, और अगले चुनाव में दोगुनी मेहनत। विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, “प्रशांत जी, गलती सुधार लीजिए। बिहार को सच्ची राजनीति चाहिए।” वहीं, बीजेपी ने किशोर पर तंज कसा – “99% उम्मीदवार फ्लॉप, अब क्या करेंगे?”
यह हार प्रशांत किशोर के राजनीतिक सफर में बड़ा मोड़ है। पहले स्ट्रैटेजिस्ट के रूप में मोदी, नीतीश और ममता को जिताया, अब खुद की पार्टी फेल। क्या JSP बिहार में तीसरा विकल्प बन पाएगी? किशोर का यह ‘ईमानदार’ इंटरव्यू बहस छेड़ रहा है – क्या फ्रीबीज ने चुनाव खरीदा, या किशोर की रणनीति फेल हुई? बिहार की राजनीति में नया अध्याय शुरू हो चुका है!
