‘दोषियों को पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे’: दिल्ली ब्लास्ट पर अमित शाह का कड़ा संकल्प, आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ का ऐलान
‘दोषियों को पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे’: दिल्ली ब्लास्ट पर अमित शाह का कड़ा संकल्प, आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ का ऐलान
दिल्ली के रेड फोर्ट कार ब्लास्ट में 13 निर्दोषों की हत्या के बाद केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय परिषद (NTC) की 32वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिल्ली ब्लास्ट के दोषियों पर तलवार चलाई। उन्होंने कहा, “दोषियों को पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे और उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।” यह बयान ब्लास्ट के पीछे पाकिस्तान प्रायोजित जैश-ए-मोहम्मद के हाथ होने के NIA के खुलासे के बाद आया है, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया है।
शाह ने बैठक में दिल्ली के अलावा जम्मू-कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन ब्लास्ट के शिकार लोगों को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की आतंकवाद-विरोधी नीति की सराहना करते हुए कहा कि यह नीति ‘स्पष्ट और कठोर’ है। “आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकना हमारी साझा प्रतिबद्धता है। कोई भी दोषी छूटने नहीं पाएगा, चाहे वो कहीं भी छिप जाए।” शाह ने राज्यों से अपील की कि केंद्र के साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत करें। बैठक में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और दिल्ली के मुख्यमंत्री या उनके प्रतिनिधि शामिल हुए।
NIA की जांच में अब तक कई बड़े खुलासे हो चुके हैं। गिरफ्तार आरोपी आमिर राशिद अली की 10 दिनों की रिमांड से हवाला नेटवर्क और हथियार सप्लाई के राज खुलने की उम्मीद है। कल ही NIA ने श्रीनगर से एक और संदिग्ध को पकड़ा, जो ब्लास्ट की साजिश से जुड़ा बताया जा रहा है। शाह ने कहा कि केंद्र और राज्य एजेंसियां 24×7 काम कर रही हैं, और जल्द ही पूरा नेटवर्क ध्वस्त हो जाएगा। गृह मंत्रालय ने दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है।
यह बयान राजनीतिक हलकों में भी गूंज रहा है। विपक्ष ने सरकार की तारीफ की, लेकिन कुछ ने पूछा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पहले से और सतर्कता क्यों नहीं बरती गई। विशेषज्ञों का मानना है कि शाह का यह बयान आतंकियों को कड़ा संदेश है, जो ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की याद दिलाता है। सहारनपुर जैसे शहरों में मुस्लिम समुदाय के प्रदर्शन भी इसका समर्थन कर रहे हैं। फिलहाल, NIA की अगली रिपोर्ट का इंतजार है, जो बड़े षड्यंत्र को उजागर कर सकती है। क्या यह कार्रवाई पाकिस्तान को सबक सिखाएगी? देश की नजरें केंद्र पर टिकी हैं।
