Wednesday, September 16, 2026
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भारत-चीन संबंधों में नई गर्माहट: 5 साल बाद दिल्ली-शंघाई डायरेक्ट फ्लाइट, व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बूस्ट

भारत-चीन संबंधों में नई गर्माहट: 5 साल बाद दिल्ली-शंघाई डायरेक्ट फ्लाइट, व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बूस्ट

नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच रिश्तों में सुधार की स्पष्ट बानगी देखने को मिली है, जब रविवार (9 नवंबर 2025) को चीन ईस्टर्न एयरलाइंस की फ्लाइट MU563 शंघाई पुदोंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ी। यह 5 साल बाद पहली डायरेक्ट पैसेंजर फ्लाइट है, जो कोविड-19 महामारी और 2020 गलवान घाटी झड़प के बाद बाधित हो गई थी। फ्लाइट में 248 यात्रियों के साथ 95% से अधिक ऑक्यूपेंसी रिकॉर्ड की गई, जो यात्रियों की उत्सुकता को दर्शाती है। एयरबस A330 विमान से संचालित यह सर्विस सप्ताह में तीन बार (बुधवार, शनिवार और रविवार) चलेगी।

यह कदम दोनों देशों के बीच सीमा तनाव कम करने के प्रयासों का हिस्सा है। 2024 अक्टूबर में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर पेट्रोलिंग एग्रीमेंट के बाद संबंधों में गति आई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त 2025 में शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) समिट के साइडलाइंस पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की, जो 7 साल बाद पहली थी। इससे पहले चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने दिल्ली में डी-एस्केलेशन और बॉर्डर मुद्दों पर चर्चा की। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फ्लाइट न केवल हवाई संपर्क बहाल करेगी, बल्कि द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

2020 के गलवान संघर्ष के बाद, जहां 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए, भारत ने चीनी निवेश पर पाबंदी लगाई और सैकड़ों ऐप्स बैन किए। लेकिन अब, सीमा विवाद के समाधान के साथ, दोनों पक्ष आर्थिक सहयोग पर फोकस कर रहे हैं। शंघाई-दिल्ली रूट दो प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ेगा, जहां भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और शंघाई पूर्वी चीन का फाइनेंशियल हब। व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। एक बिजनेसमैन ने कहा, “पहले सिंगापुर या हॉन्गकॉन्ग होकर जाना पड़ता था, अब डायरेक्ट फ्लाइट से समय और पैसे की बचत होगी।”

चीन ईस्टर्न एयरलाइंस की यह पहली फ्लाइट 2025 में किसी मुख्यभूमि चीनी कैरियर की भारत के लिए है। कंपनी ने मांग के आधार पर फ्रीक्वेंसी बढ़ाने, कुनमिंग-कोलकाता सर्विस बहाल करने और शंघाई-मुंबई नया रूट लॉन्च करने की योजना बताई। दूसरी ओर, इंडिगो ने 26 अक्टूबर को कोलकाता-गुआंगझोउ फ्लाइट शुरू की, जो अब 10 नवंबर से दिल्ली-गुआंगझोउ डेली हो जाएगी। ये बदलाव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ्स के बीच दोनों देशों के करीब आने का संकेत हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि हवाई संपर्क बहाल होना कूटनीतिक सफलता है। यह न केवल यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि प्रौद्योगिकी, टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएगा। भारत-चीन व्यापार 2024 में 100 अरब डॉलर से ऊपर पहुंच चुका है, और यह फ्लाइट इसे और मजबूत करेगी। हालांकि, सीमा मुद्दों पर सतर्कता बरतनी होगी। सरकार ने यात्रियों को सलाह दी है कि वीजा और स्वास्थ्य नियमों का पालन करें। यह कदम एशिया के दो सबसे बड़े पड़ोसियों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संदेश देगा।

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