बेंगलुरु एयरपोर्ट पर नमाज विवाद: BJP प्रवक्ता विजय प्रसाद का वीडियो वायरल, कांग्रेस पर ‘तुष्टिकरण’ का आरोप
बेंगलुरु एयरपोर्ट पर नमाज विवाद: BJP प्रवक्ता विजय प्रसाद का वीडियो वायरल, कांग्रेस पर ‘तुष्टिकरण’ का आरोप
बेंगलुरु: कर्नाटक के राजनीतिक गलियारों में एक नया विवाद गरमाया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विजय प्रसाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें कथित तौर पर केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 पर एक समूह नमाज अदा करता नजर आ रहा है। प्रसाद ने वीडियो के साथ मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और आईटी मंत्री प्रियांक खड़गे को टैग करते हुए सवाल दागा कि क्या इस धार्मिक सभा के लिए पूर्व अनुमति ली गई थी? उन्होंने इसे हाई-सिक्योरिटी जोन में सुरक्षा खतरे का मामला बताते हुए कांग्रेस सरकार पर ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ का आरोप लगाया।
वीडियो, जो शनिवार (9 नवंबर 2025) को पोस्ट किया गया, तेजी से वायरल हो गया। इसमें दिख रहा है कि एयरपोर्ट के कंपाउंड में एक बड़ी संख्या में लोग (संभवतः हज यात्रियों का समूह) नमाज पढ़ रहे हैं, जिससे आसपास का क्षेत्र अवरुद्ध हो गया। प्रसाद ने लिखा, “बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट के T2 टर्मिनल के अंदर यह कैसे अनुमति मिली? क्या आप इसकी मंजूरी देते हैं? हाई-सिक्योरिटी जोन में नमाज के लिए पूर्व अनुमति ली गई थी? सरकार RSS के पाठ संचालन पर आपत्ति जताती है, लेकिन ऐसी गतिविधियों पर आंखें मूंद लेती है। क्या यह सुरक्षा के लिए खतरा नहीं?” वीडियो को 11,000 से अधिक व्यूज मिल चुके हैं, और कई भाजपा समर्थक इसे रीपोस्ट कर रहे हैं।
भाजपा ने इसे कांग्रेस की ‘डबल स्टैंडर्ड’ नीति का उदाहरण बताया। पार्टी का कहना है कि एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील स्थान पर बिना अनुमति धार्मिक आयोजन से सुरक्षा खतरा बढ़ जाता है। कर्नाटक भाजपा ने मांग की है कि सरकार स्पष्ट करे कि क्या राज्य प्रशासन ने इसकी मंजूरी दी थी। एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “हज यात्रियों को विदाई देते समय ऐसा होना समझ से परे है। यह अल्पसंख्यक तुष्टिकरण का चरम है, जबकि हिंदू संगठनों की गतिविधियों पर सख्ती की जाती है।” विपक्ष ने केंद्रीय विमानन मंत्रालय से भी हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि एयरपोर्ट पर धार्मिक या राजनीतिक सभाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगे।
कांग्रेस ने अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, इसे ‘ओवररिएक्शन’ बताते हुए कहा जा रहा है कि वीडियो पुराना या संदर्भ से बाहर हो सकता है। एक कांग्रेस नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “एयरपोर्ट अथॉरिटी ने अगर अनुमति दी तो इसमें गलत क्या है? भाजपा हमेशा धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक रंग देती है।” हालांकि, सिद्धारमैया सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। राज्य सरकार कथित तौर पर एयरपोर्ट पर सभी प्रकार की सभाओं – यहां तक कि RSS की गतिविधियों – पर रोक लगाने पर विचार कर रही है, ताकि स्थान तटस्थ रहे।
यह विवाद कर्नाटक में सांप्रदायिक तनाव को नई हवा दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो तेजी से फैलते हैं, जो ध्रुवीकरण को बढ़ावा देते हैं। भाजपा इसे 2028 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को घेरने का हथियार बना रही है, जबकि कांग्रेस इसे ‘हेट स्पीच’ बताकर बचाव की रणनीति बना रही है। एयरपोर्ट प्रशासन ने अभी चुप्पी साध रखी है, लेकिन जांच के आदेश दिए जाने की संभावना है। फिलहाल, यह मुद्दा सोशल मीडिया पर बहस का केंद्र बना हुआ है, जहां समर्थक और विरोधी दोनों पक्षों के बीच तीखी बयानबाजी चल रही है।
