दिग्गज मराठी एक्ट्रेस दया डोंगरे का निधन: 85 की उम्र में ली आखिरी सांस, नेगेटिव रोल्स से जीते थे लाखों दिल
दिग्गज मराठी एक्ट्रेस दया डोंगरे का निधन: 85 की उम्र में ली आखिरी सांस, नेगेटिव रोल्स से जीते थे लाखों दिल
मराठी सिनेमा और थिएटर की दुनिया को आज एक बड़ा झटका लगा। दिग्गज अभिनेत्री दया डोंगरे का 3 नवंबर को 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उम्र संबंधी बीमारियों के कारण उनका निधन हुआ, और उनके जाने से मराठी मनोरंजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई। दया जी ने थिएटर से लेकर फिल्मों और टीवी सीरियल्स तक अपने सशक्त अभिनय से लाखों दिल जीते थे। वे नेगेटिव किरदारों, खासकर तेज-तर्रार सास की भूमिकाओं के लिए खासतौर पर जानी जाती थीं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “दया डोंगरे मराठी सिनेमा की अमूल्य धरोहर थीं। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।”
दया डोंगरे का जन्म 11 मार्च 1940 को पुणे में हुआ था। उनके परिवार में कला का गहरा रिश्ता था – मां यमुनाबाई मोडक एक प्रसिद्ध नाट्य अभिनेत्री थीं, जबकि नानी शांताबाई मोडक मराठी सिनेमा की जानी-मानी गायिका। बचपन से ही शास्त्रीय संगीत और नाट्य संगीत की ट्रेनिंग लेने वाली दया ने शुरुआत में सिंगिंग को अपना करियर बनाना चाहा था। उन्हें सिंगिंग के लिए स्कॉलरशिप भी मिली, लेकिन फर्ग्यूसन कॉलेज में पढ़ाई के दौरान एक्टिंग का जुनून हावी हो गया।
करियर की शुरुआत: संगीत से एक्टिंग तक का सफर
दया ने पुणे के फर्ग्यूसन कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और फिर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में दाखिला लिया। हालांकि, शादी के बाद उन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़ दी, लेकिन एक्टिंग का जुनून कभी कम नहीं हुआ। उन्होंने मराठी थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की और जल्द ही फिल्मों में कदम रखा। 1980 में रिलीज हुई मराठी फिल्म ‘उम्बरठा’ (Umbartha) में उनकी पहली प्रमुख भूमिका थी, जो बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही। इस फिल्म में उनके अभिनय की खूब तारीफ हुई।
वे मराठी सिनेमा में दर्जनों फिल्मों में नजर आईं, जहां नेगेटिव रोल्स ने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई। हिंदी सिनेमा में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा – 1992 की आमिर खान और जूही चावला अभिनीत फिल्म ‘दौलत की जंग’ (Daulat Ki Jung) में वे एक महत्वपूर्ण भूमिका में दिखीं। इसके अलावा, दूरदर्शन के पॉपुलर सीरियल्स में भी उनका चेहरा चमका। एक्ट्रेस ने गाने गाने का शौक भी बनाए रखा, लेकिन एक्टिंग को प्राथमिकता दी।
निजी जीवन: पति शरद डोंगरे का साथ
दया का वैवाहिक जीवन भी कला से जुड़ा रहा। उन्होंने मराठी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता-निर्माता शरद डोंगरे से शादी की, जो 2014 में उनका साथ छोड़ गए। दंपति ने मिलकर कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया। दया के निधन के बाद उनके परिवार ने कहा, “वे हमेशा संघर्षों से लड़ीं, लेकिन कभी हार नहीं मानीं। उनका जाना एक अपूरणीय क्षति है।”
मराठी सिनेमा पर शोक: दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि
दया डोंगरे के निधन की खबर फैलते ही मराठी फिल्म इंडस्ट्री में सन्नाटा छा गया। कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी। एक्ट्रेस उर्मिला कोठारे ने लिखा, “दया ताई की सशक्त भूमिकाएं हमेशा याद रहेंगी।” निर्देशक सुमित्रा भावे ने कहा, “उनकी स्क्रीन प्रेजेंस बेजोड़ थी।” महाराष्ट्र सरकार ने उनके अंतिम संस्कार का इंतजाम किया, जो मुंबई में संपन्न हुआ।
दया डोंगरे की विरासत मराठी सिनेमा में अमर रहेगी। वे उन चुनिंदा कलाकारों में से थीं, जिन्होंने भाषाई सीमाओं को तोड़कर हिंदी और मराठी दोनों में अपनी पहचान बनाई। उनके फैंस और सह-कलाकार उन्हें हमेशा याद रखेंगे।
