तालिबान ने पाकिस्तान पर किया ‘जीत’ का दावा, अफगानिस्तान में सड़कों पर उतरे लोग, धमाकों और नारों से गूंजे शहर
तालिबान ने पाकिस्तान पर किया ‘जीत’ का दावा, अफगानिस्तान में सड़कों पर उतरे लोग, धमाकों और नारों से गूंजे शहर
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर हाल के तनावपूर्ण संघर्ष के बाद तालिबान ने पाकिस्तानी सेना पर ‘ऐतिहासिक जीत’ का दावा किया है। तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अफगान सेना ने 25 पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया और 58 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया। यह दावा अफगानिस्तान में जश्न का कारण बन गया, जहां हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। काबुल, लॉगर और अन्य प्रांतों में ढोल-नगाड़ों, झंडों और आतिशबाजियों के साथ रात भर उत्सव चला। लोग नारे लगा रहे थे, “पाकिस्तान याद रखो, हम साम्राज्यों का कब्रिस्तान हैं!”
सोशल मीडिया पर #AfghanVictory ट्रेंड कर रहा है, जहां वीडियो वायरल हो रहे हैं। अफगानिस्तान रेडियो एंड टेलीविजन एकेडमी (RTA) ने ट्वीट किया, “लोगर प्रांत के लोग अफगान सेना की सफल जवाबी कार्रवाई पर खुशी जता रहे हैं।” लेकिन पाकिस्तान ने इन दावों को खारिज कर दिया। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने कहा, “हमारी कार्रवाई आत्मरक्षा में थी, और हमने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाया।” संयुक्त राष्ट्र और चीन ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है, क्योंकि यह संघर्ष क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।
यह तनाव 2021 में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद बढ़ा है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान TTP को शरण दे रहा है, जो पाकिस्तान में हमले करता है। हाल के महीनों में सीमा पर गोलीबारी बढ़ी है, और दोनों देशों ने सैन्य तैनाती बढ़ा दी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह ‘प्रॉक्सी वॉर’ का रूप ले सकता है, जहां पुराने दुश्मन फिर आमने-सामने हैं। अफगानिस्तान में जश्न के बीच महिलाओं पर पाबंदियां बरकरार हैं, लेकिन इस बार राष्ट्रीय एकता का रंग दिखा। तालिबान सरकार ने इसे “इस्लामी नियमों की रक्षा” बताया।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित है, क्योंकि इससे शरणार्थी संकट बढ़ सकता है। भारत ने भी दोनों देशों से बातचीत की अपील की है। यदि युद्ध बढ़ा, तो दक्षिण एशिया में नया संकट पैदा हो सकता है। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोत देखें।
