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इजरायली संसद में ट्रंप का विरोध करने वाले सांसद: हदाश पार्टी के आयमन ओदेह और ओफर कैसिफ, ‘Palestine को मान्यता दो’ के नारे लगाए

इजरायली संसद में ट्रंप का विरोध करने वाले सांसद: हदाश पार्टी के आयमन ओदेह और ओफर कैसिफ, ‘Palestine को मान्यता दो’ के नारे लगाए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इजरायल की संसद (नेसेट) में दिए गए भाषण के दौरान दो विपक्षी सांसदों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह घटना सोमवार को हुई, जब ट्रंप गाजा युद्धविराम और बंधकों की रिहाई पर अमेरिका की भूमिका का जश्न मना रहे थे। विरोध करने वाले सांसदों—आयमन ओदेह और ओफर कैसिफ—को सुरक्षाकर्मियों ने खींचकर बाहर निकाल दिया, जिसके बाद संसद में ट्रंप के समर्थन में ‘ट्रंप! ट्रंप!’ के नारे गूंजे।

ट्रंप ने गाजा में सभी जीवित बंधकों की रिहाई और फिलिस्तीनी कैदियों की अदला-बदली को ‘मध्य पूर्व के लिए नई सुबह’ बताते हुए भाषण शुरू किया। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के स्वागत के बाद ट्रंप ने मंच संभाला, जहां उन्हें खड़े होकर तालियां और चीयर्स मिले। लेकिन भाषण के बीच में हदाश पार्टी (एक संयुक्त यहूदी-अरब वामपंथी गठबंधन) के सांसद आयमन ओदेह ने ‘पलेस्टाइन को मान्यता दो’ (Recognize Palestine) का पोस्टर लहराया, जबकि ओफर कैसिफ ने ‘जेनोसाइड’ (Genocide) का बैनर दिखाया। दोनों ने ‘आतंकवादी!’, ‘कब्जा समाप्त करो!’ जैसे नारे लगाए, जो फिलिस्तीनी राज्य की मांग और इजरायली नीतियों के खिलाफ थे।

ओदेह, एक अरब-इजरायली वकील और हदाश गठबंधन के नेता, ने भाषण से पहले ही नेतन्याहू को ‘शांति का सीरियल किलर’ कहा था। वे 2015 से नेसेट सदस्य हैं और फिलिस्तीनी अधिकारों, समानता तथा मिज़राही संस्कृति के समर्थक हैं। वहीं, कैसिफ हदाश के एकमात्र यहूदी सदस्य हैं, जो इजरायली नीतियों पर कटु टिप्पणियां करने के लिए कुख्यात हैं। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “यह न्याय की मांग है। कब्जे और अलगाव की समाप्ति से ही सच्ची शांति आएगी। रक्तपात वाली सरकार का विरोध करो!”

ट्रंप ने हादसे पर हंसते हुए कहा, “यह बहुत कुशलता से संभाला गया!” (That was very efficient)। नेसेट स्पीकर अमीर ओहाना ने माफी मांगी, और सांसदों ने तालियों के साथ ट्रंप का स्वागत किया। यह विरोध ट्रंप के 20-सूत्री शांति योजना के खिलाफ था, जिसमें फिलिस्तीन को आधा गाजा नियंत्रण देने का प्रस्ताव है, लेकिन नेतन्याहू फिलिस्तीनी राज्य की मान्यता को खारिज कर चुके हैं। ब्रिटेन और कनाडा जैसे सहयोगी देशों ने हाल ही में फिलिस्तीन को मान्यता दी है, जो विरोध को हवा दे रहा है।

यह घटना इजरायल की आंतरिक राजनीति की गहराई दिखाती है, जहां सत्ताधारी गठबंधन और वामपंथी विपक्ष के बीच गाजा युद्ध पर तनाव चरम पर है। ट्रंप को इजरायल का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘इजरायली राष्ट्रपति पदक’ देने की घोषणा भी हुई, जो बंधकों की रिहाई के लिए उनके प्रयासों के लिए है। ट्रंप मिस्र के दौरे पर भी थे, जहां शांति वार्ता पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विरोध नेसेट की सख्ती को उजागर करता है, जहां विरोध प्रदर्शन तुरंत दबा दिए जाते हैं।

विपक्षी सांसदों का यह कदम सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां #RecognizePalestine ट्रेंड कर रहा है। ट्रंप ने भाषण में कहा, “यह युद्ध का अंत नहीं, आतंक और मृत्यु के युग का अंत है।” अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोत देखें।

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