रुड़की के पास कलियर से चोरी 3 माह का मासूम बरामद: 72 घंटे में पुलिस ने किया गिरोह का भंडाफोड़, 4.90 लाख में सौदा, 6 गिरफ्तार
रुड़की के पास कलियर से चोरी 3 माह का मासूम बरामद: 72 घंटे में पुलिस ने किया गिरोह का भंडाफोड़, 4.90 लाख में सौदा, 6 गिरफ्तार
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रुड़की तहसील के अंतर्गत कलियर शरीफ क्षेत्र से चोरी हुए मात्र 3 माह के मासूम बच्चे को पुलिस ने मात्र 72 घंटे के अंदर सकुशल बरामद कर लिया। इस सनसनीखेज बच्चा चोरी कांड में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। खुलासे में सामने आया कि चोर गिरोह ने बच्चे का सौदा 4 लाख 90 हजार रुपये में तय किया था। एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस की विशेष टीम ने इस अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर दिया, जो बच्चा तस्करी का काला कारोबार चला रहा था।
घटना 11 अक्टूबर की रात की है। कलियर के एक गरीब मुस्लिम परिवार की 25 वर्षीय महिला सो रही थी, तभी उसके बगल में सो रहे उसके 3 माह के नवजात बेटे को चोरों ने चुपचाप उठा लिया। सुबह जब मां जागी तो बच्चा गायब था। परिजनों ने तुरंत रुड़की कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। एसएसपी डोबाल ने विशेष जांच टीम गठित की, जिसमें सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की मदद ली गई। 72 घंटे के भीतर पुलिस ने बच्चे को मेरठ के एक नर्सिंग होम से बरामद कर लिया। बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और मां के पास लौटा दिया गया।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह की मास्टरमाइंड प्रेम हॉस्पिटल की नर्स नेहा शर्मा है। नेहा ने अपने साथियों शहनाज, सलमा और आस मोहम्मद लंगड़ा को कलियर भेजा, जहां उन्होंने सोती हुई मां के बगल से बच्चा चुराया। चोरों ने बच्चे को पहले 3 लाख रुपये में अंचन नामक महिला को बेचा। अंचन ने फिर 3 लाख 90 हजार में नेहा शर्मा को सौंपा। नेहा ने 1 लाख का मुनाफा कमाते हुए बच्चे को कुल 4 लाख 90 हजार रुपये में मेरठ के लिसाड़ी गेट निवासी विशाल गुप्ता को बेच दिया। विशाल दंपति बच्चा गोद लेने के लिए तड़प रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में नेहा शर्मा, शहनाज, सलमा, आस मोहम्मद, अंचन और विशाल गुप्ता शामिल हैं।
एसएसपी डोबाल ने बताया, “यह गिरोह लंबे समय से बच्चा तस्करी में सक्रिय था। नेहा शर्मा नर्स होने के बावजूद इस काले धंधे की सरगना बनी। हमने साजिश का पूरा ग्राफ उजागर कर दिया।” पुलिस ने आरोपियों के पास से 50 हजार रुपये नकद, फर्जी दस्तावेज और एक कार बरामद की। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 367 (अपहरण), 370 (मानव तस्करी) और POCSO एक्ट के तहत दर्ज किया गया। सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में भेज दिए गए हैं।
यह घटना उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश सीमावर्ती क्षेत्र में बच्चा तस्करी के नेटवर्क को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि गरीबी और गोद लेने की चाहत इस अपराध को बढ़ावा दे रही। पुलिस ने जनता से अपील की कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें। रुड़की के कलियर में बच्चे की बरामदी पर परिजनों ने पुलिस का धन्यवाद किया। एसएसपी ने कहा, “हमारी टीमें सतर्क रहेंगी, ताकि मासूमों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।” यह सफलता हरिद्वार पुलिस की दक्षता का प्रतीक है।
