रुद्रप्रयाग में बहादुरी की मिसाल: गुलदार से भिड़ा मालिक, पालतू कुत्ते की जान बचाई
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग नगर क्षेत्र में गुलदार का आतंक चरम पर पहुंच गया है। शाम ढलते ही खूंखार गुलदार घरों के आंगनों में घुस रहा है और पालतू जानवरों को निवाला बना रहा। सीसीटीवी कैमरों में कैद गुलदार की विचरण वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। सोमवार शाम पुनाड़-भाणाधार में एक बहादुर मालिक ने गुलदार के मुंह से अपने पालतू कुत्ते को छीन लिया, लेकिन हमले में कुत्ते को गंभीर चोटें आईं, जिनके 35 टांके लगे। वन्यजीव संघर्ष से शहरवासी दहशत में जी रहे हैं।
लंबे समय से नगर पालिका क्षेत्र में गुलदार का साया मंडरा रहा है। शाम होते ही वह सड़कों, गलियों और घरों के आसपास बेखौफ घूमता है। भाणाधार, पुनाड़, आर्मी बैंड, गुलाबराय, मल्या गांव, इंटर कॉलेज, अपर बाजार और काला पहाड़ जैसे इलाकों में इसकी आवाजाही आम हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार पालतू कुत्तों व मवेशियों पर हमला कर रहा, जिससे लोगों की जान को खतरा है। बसुकेदार वीरों देवल क्षेत्र में भी हालात खराब हैं, जहां परचारी तोक के चंद्र सिंह रावत के साल भर के बछड़े को गुलदार ने मार डाला। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से गुलदार को पकड़ने की मांग तेज कर दी है।
सोमवार शाम साढ़े 6 बजे पुनाड़-भाणाधार निवासी भास्कर कोठारी के घर के आंगन में हादसा हुआ। भास्कर ऑफिस से लौटे ही थे कि गुलदार ने उनके 4 साल के पालतू कुत्ते पर हमला कर दिया। कुत्ते को मुंह में दबोच लिया। परिवार के सदस्यों के रोने की आवाज सुन भास्कर ने हिम्मत दिखाई। उन्होंने जोर-जोर से चिल्लाते हुए गुलदार के मुंह में हाथ डालकर कुत्ते को छीन लिया। इस दौरान गुलदार ने कुत्ते को गले से लेकर शरीर के अन्य हिस्सों में गहरे जख्म दे दिए। भास्कर ने बताया, “एक पल के लिए सांसें थम गईं, लेकिन कुत्ता हमारा परिवार का सदस्य है। डरने की बजाय मैंने उसे बचाया।” कुत्ते को तुरंत पशु चिकित्सा केंद्र ले जाया गया, जहां एलईओ अजय सजवाण ने इलाज किया और 35 टांके लगाए। कुत्ता अब खतरे से बाहर है।
भास्कर ने नगर क्षेत्र में गुलदार की धमक से डर का माहौल बताया। उन्होंने कहा, “शाम ढलते ही घरों की दहलीज पर गुलदार पहुंच जाता है। वन विभाग को पिंजरा लगाकर उसे कैद करना चाहिए।” वन विभाग के अनुसार, जिले में पिछले एक साल में 20 से अधिक गुलदार हमले हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों की कटाई और शहरीकरण से जानवर शहरों में घुस रहे हैं। वन अधिकारी ने बताया, “ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं और गश्त बढ़ाई गई है। ग्रामीणों को रात में सतर्क रहने की सलाह है।” जिला प्रशासन ने शिकायतों पर संज्ञान लिया है और जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
यह घटना वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा के बीच संतुलन की आवश्यकता पर जोर देती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने लोगों में आक्रोश बढ़ा दिया है। ग्रामीणों ने प्रदर्शन की चेतावनी दी है। वन विभाग ने जागरूकता अभियान शुरू करने का ऐलान किया ताकि ऐसी घटनाएं रुकें।
