राजनीति

बिहार चुनाव 2025: आचार संहिता के बीच सांसद पप्पू यादव ने बांटे पैसे, वीडियो वायरल; वैशाली में FIR दर्ज

बिहार चुनाव 2025: आचार संहिता के बीच सांसद पप्पू यादव ने बांटे पैसे, वीडियो वायरल; वैशाली में FIR दर्ज

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। गुरुवार को वैशाली जिले के सहदेई थाना क्षेत्र के गणियारी गांव में बाढ़ और कटाव प्रभावित 80 परिवारों के बीच उन्होंने करीब 5 लाख रुपये नकद बांटे, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में पप्पू यादव खुद 4,000-4,000 रुपये परिवारों को देते नजर आ रहे हैं। इस घटना पर चुनाव आयोग ने तुरंत संज्ञान लिया और सहदेई थाने में उनके खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज करा दिया।

पप्पू यादव जन अधिकार पार्टी (JAP) के संस्थापक हैं और बिहार में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रहते हैं। लेकिन आचार संहिता के तहत जनप्रतिनिधियों पर नकद वितरण या आर्थिक सहायता देने पर सख्त पाबंदी है, ताकि मतदाताओं को प्रभावित न किया जा सके। वायरल वीडियो में पप्पू यादव कटाव पीड़ितों की समस्याएं सुनते हुए पैसे बांटते दिख रहे हैं, जहां उन्होंने कहा, “गरीबों की मदद से बड़ा कोई त्योहार नहीं। सरकार के भरोसे इन्हें अकेला नहीं छोड़ सकते।” उन्होंने स्थानीय सांसद चिराग पासवान और केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय पर भी निशाना साधा, “आपके पैसे से हेलीकॉप्टर उड़ेंगे, करोड़ों चुनाव पर खर्च होंगे, लेकिन गरीबों की मदद कौन करेगा?”

घटना की मुख्य जानकारी

– स्थान और समय: वैशाली जिले के सहदेई थाना के गणियारी गांव, 9 अक्टूबर 2025 (गुरुवार)।

– कितने पैसे बांटे: 80 परिवारों को 4,000 रुपये प्रति परिवार, कुल लगभग 5 लाख रुपये। कटाव से बेघर हुए परिवारों को तिरपाल और अन्य जरूरी सहायता के लिए।

– वीडियो का वायरल होना: सोशल मीडिया पर NDTV India और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर शेयर होने के बाद लाखों व्यूज। वीडियो में पप्पू यादव महिलाओं और बच्चों को पैसे देते दिख रहे हैं।

– FIR का आधार: वैशाली के एसडीओ नीरज कुमार के निर्देश पर सहदेई थाने में CO के आवेदन पर केस दर्ज। IPC की धाराओं के तहत आचार संहिता उल्लंघन का आरोप।

पप्पू यादव की सफाई

एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव ने कहा, “चुनाव आयोग के डर से गरीबों की मदद करना छोड़ दूं? न रुकेंगे, न झुकेंगे। जिसको जो करना है करे, लेकिन पप्पू यादव गरीबों के साथ खड़ा रहेगा।” उन्होंने वीडियो को ‘एडिटेड’ बताते हुए राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया और कहा, “यह मेरी सेवा का हिस्सा है, अपराध नहीं।” यादव ने पहले भी बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए ऐसे कदम उठाए हैं, जिससे उनका जनाधार मजबूत माना जाता है।

चुनाव आयोग और प्रशासन की कार्रवाई

चुनाव आयोग ने प्रभात खबर जैसे मीडिया रिपोर्ट्स के बाद तुरंत एक्शन लिया। वैशाली प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है, और पप्पू यादव को नोटिस जारी करने की तैयारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला बिहार चुनाव 2025 में अन्य नेताओं के लिए चेतावनी हो सकता है, जहां आचार संहिता के उल्लंघन पर सख्ती बढ़ रही है। JAP ने इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ बताते हुए बचाव किया है।

यह घटना बिहार चुनावी माहौल को और गर्मा रही है, जहां 2025 के विधानसभा चुनावों में पप्पू यादव जैसे स्वतंत्र उम्मीदवारों की भूमिका अहम मानी जा रही है। वीडियो अभी भी वायरल है, और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है कि क्या यह वाकई उल्लंघन है या मानवीय मदद।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *