गुजरात सरकार का बड़ा कदम: अब अपनाएगी स्वदेशी Zoho सर्विसेज, विदेशी सॉफ्टवेयर पर लगाम
गुजरात सरकार का बड़ा कदम: अब अपनाएगी स्वदेशी Zoho सर्विसेज, विदेशी सॉफ्टवेयर पर लगाम
आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देने के लिए गुजरात सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने सभी सरकारी विभागों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अब स्वदेशी Zoho सर्विसेज को अपनाएं। यह कदम विदेशी सॉफ्टवेयर जैसे माइक्रोसॉफ्ट और गूगल वर्कस्पेस पर निर्भरता कम करने की दिशा में उठाया गया है। Zoho मेल, Zoho ऑफिस सूट और अन्य टूल्स का इस्तेमाल शुरू होने से सरकारी कामकाज अधिक सुरक्षित, किफायती और कुशल बनेगा। यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और आईटी मंत्री अश्वनी वैष्णव के हालिया Zoho अपनाने के कदम से प्रेरित माना जा रहा है।
राज्य सरकार के इस निर्णय से गुजरात के सभी सरकारी कार्यालयों में Zoho मेल को आधिकारिक ईमेल सिस्टम के रूप में लागू किया जाएगा। इसके अलावा, Zoho के उत्पादकता टूल्स जैसे डॉक्यूमेंट्स, स्प्रेडशीट्स और प्रेजेंटेशन्स का उपयोग भी अनिवार्य होगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यह कदम डिजिटल संप्रभुता को मजबूत करने का हिस्सा है। Zoho जैसी भारतीय कंपनी का चयन लागत में 30-40% की बचत के साथ-साथ डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।”
Zoho अपनाने के मुख्य कारण
– स्वदेशी प्रोत्साहन: Zoho, जो तमिलनाडु की कंपनी है, को ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्वदेशी’ अभियान के तहत बढ़ावा। केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने हाल ही में ट्वीट कर Zoho को अपनाने की अपील की थी।
– लागत और सुरक्षा: विदेशी सॉफ्टवेयर की तुलना में Zoho सस्ता और भारतीय डेटा सेंटरों पर आधारित, जिससे साइबर थ्रेट्स कम होंगे।
– कुशलता: Zoho का इंटीग्रेटेड सूट सरकारी विभागों में सहयोग और वर्कफ्लो को आसान बनाएगा। शिक्षा मंत्रालय ने भी Zoho को अपनाया है।
– प्रभाव: गुजरात के 50,000 से अधिक सरकारी कर्मचारियों को इससे फायदा। ट्रांजिशन अगले तीन महीनों में पूरा होगा।
Zoho के संस्थापक श्रीधर वेंबू ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा, “गुजरात सरकार का यह कदम भारतीय टेक इकोसिस्टम को नई ऊंचाई देगा। हम सरकारी जरूरतों के अनुरूप कस्टमाइज्ड सॉल्यूशंस प्रदान करेंगे।”
यह निर्णय देशभर में Zoho की लोकप्रियता को और बढ़ाएगा, जहां हाल ही में इसके ऐप्स की डाउनलोडिंग में 100 गुना उछाल आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि गुजरात का यह कदम अन्य राज्यों के लिए मिसाल बनेगा, जो डिजिटल इंडिपेंडेंस की दिशा में एक बड़ा कदम है। अधिक जानकारी के लिए गुजरात सरकार की वेबसाइट gstt.gujarat.gov.in पर देखें।
