मणिपुर में सरकार गठन की कोशिशें तेज, दिल्ली में जुटे BJP विधायक: राष्ट्रपति शासन हटाने की उम्मीद
मणिपुर में सरकार गठन की कोशिशें तेज, दिल्ली में जुटे BJP विधायक: राष्ट्रपति शासन हटाने की उम्मीद
मणिपुर में लंबे समय से चले आ रहे जातीय संघर्ष और राजनीतिक संकट के बीच सरकार गठन की कवायद तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं, जहां वे केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर राष्ट्रपति शासन हटाने और नई सरकार बनाने पर चर्चा कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह समेत कई विधायक केंद्रीय नेताओं से मिल चुके हैं, जबकि मैतेई और कुकी विधायकों के बीच संवाद की कोशिशें भी तेज हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार चुनाव के बाद मणिपुर में जल्द ही लोकतंत्र बहाल हो सकता है, लेकिन जातीय तनाव के कारण चुनौतियां बरकरार हैं।
मणिपुर में 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू है, जब पूर्व सीएम एन. बीरेन सिंह ने मई 2023 से चले आ रहे मेइती-कुकी हिंसा के बीच इस्तीफा दिया था। इस संकट में 200 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं, और 60,000 से अधिक लोग विस्थापित हैं। अब BJP विधायक स्थिति को सामान्य बताते हुए सरकार गठन का दावा कर रहे हैं।
दिल्ली में BJP विधायकों की सक्रियता
– कुकी नेताओं से मुलाकात: मणिपुर विधानसभा स्पीकर सत्यब्रत ठाकुर, विधायक ब्रोजन पाओनाम (वांगजिंग तेंथा) और रोबिंद्रो टोंगब्राम ने दिल्ली में पूर्व कुकी मंत्री लेतपाओ हाओकिप से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, ये विधायक BJP नेतृत्व को आश्वस्त कर रहे हैं कि हालात धीरे-धीरे सुधर रहे हैं और सरकार गठन का सही समय है।
– एन. बीरेन सिंह की भूमिका: पूर्व सीएम बीरेन सिंह समेत 7 BJP विधायक दिल्ली पहुंचे हैं। बीरेन ने कहा, “मैं केंद्रीय नेताओं से नई सरकार गठन, विस्थापित लोगों की समस्याओं के समाधान और शांति बहाली पर चर्चा करूंगा।”BJP प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी बीरेन से मुलाकात की, जहां सरकार गठन पर विस्तृत बात हुई।
– NPP विधायकों की भागीदारी: नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के विधायक भी दिल्ली में हैं, जो गठबंधन की रणनीति पर काम कर रहे हैं। NPP के हितों को ध्यान में रखते हुए BJP के साथ समन्वय बनाया जा रहा है।
44 विधायकों का समर्थन दावा
BJP विधायक थोकचोम राधेश्याम सिंह ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर दावा किया कि 44 विधायक (BJP के 32 मैतेई, 3 मणिपुरी मुस्लिम और 9 नागा) नई सरकार के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, “विधानसभा स्पीकर सत्यव्रत ने सभी से व्यक्तिगत और संयुक्त मुलाकात की है। कोई विरोध नहीं है। पिछले चार साल बर्बाद हो चुके, अब स्थिर सरकार जरूरी है।” एक अन्य प्रतिनिधिमंडल (8 BJP, 1 NPP, 1 निर्दलीय) ने भी राज्यपाल से 22 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा।
60 सदस्यीय विधानसभा में BJP के पास 37 विधायक हैं, और NDA गठबंधन में कुल 42। कांग्रेस को छोड़कर बाकी सभी समर्थन में हैं।
चुनौतियां और भविष्य की संभावनाएं
मैतेई-कुकी तनाव के बीच सरकार गठन जटिल है। BJP विधायकों ने दिल्ली में एक तटस्थ संवाद मंच बनाने का प्रस्ताव रखा है, ताकि समुदायों के बीच कड़वाहट कम हो। केंद्रीय नेतृत्व का फैसला बिहार चुनाव के बाद आने की उम्मीद है। विपक्ष कांग्रेस ने इसे “दिखावा” बताते हुए शांति बहाली की मांग की है।
राजनीतिक विश्लेषक का कहना है कि”यह कदम सकारात्मक है, लेकिन बिना समावेशी नेतृत्व के स्थिरता मुश्किल। BJP को कुकी समुदाय का भरोसा जीतना होगा।” मणिपुर में स्थिति सामान्य होने पर राष्ट्रपति शासन हट सकता है, जो राज्य के लिए राहत होगी।
