राष्ट्रीय

चंदौली में बाढ़ का कहर: सड़कें डूबीं, मकान ढहे, हजारों एकड़ फसल तबाह

वाराणसी से सटे चंदौली जिले में भारी बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी ने मचाई तबाही।  खबरों के अनुसार, गड़ई नदी और चंद्रप्रभा नदी का उफान जनजीवन को पूरी तरह ठप कर दिया है। यह इलाका, जो धान की खेती के लिए ‘कटोरा’ कहलाता है, इस बार बाढ़ की भेंट चढ़ गया। लगातार 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने 125 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिससे निचले इलाकों में जल प्रलय जैसे हालात पैदा हो गए।

बाढ़ के प्रमुख प्रभाव

– सड़कें नदियों में बदलीं: मुगलसराय-चकिया स्टेट हाईवे पर 3-4 फीट तक पानी भर गया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (पीडीडीयू) से चकिया जाने वाला मार्ग पूरी तरह डूबा हुआ है। बबुरी-चकिया मार्ग पर आवागमन ठप हो गया, जबकि शहाबगंज में कर्मनाशा नदी के पुराने पुल पर वाहनों का संचालन रोका गया। लोग रिक्शा, ट्रॉली और ट्रैक्टर से ही सड़क पार कर पा रहे हैं।

– घर गिरे, लोग बेघर: पीडीडीयू तहसील के हसनपुर, कम्हरिया, धनावल कला और नियामताबाद ब्लॉक के आधा दर्जन से ज्यादा गांवों में दर्जनों कच्चे मकान ढह गए। बाढ़ का पानी घरों में घुस गया, जिससे ग्रामीण इधर-उधर भागकर जान बचा रहे हैं। कई जगह तेज आंधी से पेड़ गिरने से और नुकसान हुआ।

– फसल बर्बाद, किसानों का गम: हजारों एकड़ धान की फसल बाढ़ में डूब गई। चंदौली के खेतों में खड़ी सब्जी और अन्य फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हुईं। किसान उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। यह नुकसान स्थानीय अर्थव्यवस्था को झकझोर सकता है, क्योंकि जिला धान उत्पादन का प्रमुख केंद्र है।

– अन्य नुकसान: कई मवेशी बह गए या मर गए। ग्रामीण इलाकों में 24 घंटे से बिजली गुल है, जिससे जीवन और कठिन हो गया। 4 अक्टूबर को कक्षा 1 से 8 तक स्कूल बंद रखे गए।

बाढ़ का कारण

चंदौली-अहरौरा और चंद्रप्रभा बांधों से हजारों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के साथ ही लगातार बारिश ने नदियों को उफान पर ला दिया। इसके अलावा, पीडब्ल्यूडी द्वारा बिना अनुमति नदी पाटकर बनाई गई सड़क ने जल निकासी बाधित कर दी, जिससे बाढ़ की तीव्रता बढ़ी। मुख्य अभियंता ने निर्माण कार्य रोकने का आदेश दिया है।

प्रशासन की कार्रवाई

– एसडीएम अनुपम मिश्रा और पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष राणा सिंह ने 3 फीट पानी में चलकर प्रभावित गांवों का दौरा किया। जर्जर मकानों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की अपील की गई।

– जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और राहत टीमें सक्रिय हैं। बाढ़ पीड़ितों को भोजन, दवा और आश्रय की व्यवस्था की जा रही है। जिलाधिकारी ने अलर्ट जारी कर नदी तटवर्ती इलाकों में जाने से मना किया है।

– मुख्यमंत्री कार्यालय से राहत कार्य तेज करने के निर्देश मिले हैं।

आगे की स्थिति

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है, जिससे बाढ़ के हालात और बिगड़ सकते हैं। प्रभावित किसानों के लिए फसल बीमा और मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करने की मांग तेज हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की त्वरित मदद से ही वे इस संकट से उबर पाएंगे।

लाइव अपडेट्स के लिए स्थानीय चैनलों जैसे आजतक, जी न्यूज या सोशल मीडिया पर नजर रखें। यदि आप प्रभावित क्षेत्र से हैं, तो हेल्पलाइन 1077 पर संपर्क करें।

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