ज्योति सिंह की मदद को आगे आई करणी सेना: पवन सिंह को अल्टीमेटम, जल्द सुलझाएं मतभेद
ज्योति सिंह की मदद को आगे आई करणी सेना: पवन सिंह को अल्टीमेटम, जल्द सुलझाएं मतभेद
भोजपुरी स्टार पवन सिंह और पत्नी ज्योति सिंह के बीच विवाद में नया मोड़। 7 अक्टूबर 2025 को ‘करणी सेना भारत’ ने ज्योति सिंह का समर्थन करते हुए पवन सिंह को कड़ा संदेश दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह ने ज्योति से फोन पर बात की और उनसे मुलाकात भी की। उन्होंने पवन को अल्टीमेटम दिया कि वो ज्योति के साथ चल रहे मतभेदों को तुरंत सुलझाएं, वरना ‘इंसाफ’ सुनिश्चित करने के लिए आगे कदम उठाएंगे। यह घटना बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आ रही है, जहां पवन भाजपा से आरा सीट पर दावेदार बनने की तैयारी में हैं।
विवाद की पृष्ठभूमि
पवन सिंह और ज्योति सिंह की शादी को 7 साल हो चुके हैं, लेकिन पिछले एक साल से उनके रिश्ते में तनाव चल रहा है। ज्योति ने कई बार सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट शेयर कर पति पर प्रताड़ना, अपमान और बेवफाई के आरोप लगाए हैं:
– अगस्त 2025: ज्योति ने आत्महत्या की धमकी देते हुए कहा कि पवन ने उन्हें अकेला छोड़ दिया और उनके माता-पिता का अपमान किया।
– 5 अक्टूबर 2025: ज्योति लखनऊ में पवन के फ्लैट पर पहुंचीं, लेकिन वहां पुलिस मौजूद थी। उन्होंने वीडियो में फूट-फूटकर रोते हुए आरोप लगाया कि पवन ने उन्हें घर में घुसने से रोका और पुलिस बुलाकर डिटेन करने की कोशिश की। ज्योति ने कहा, “चुनाव के समय मैंने उनका प्रचार किया, लेकिन वो दूसरी महिला के साथ होटल जाते थे। अगर इंसाफ नहीं मिला, तो मैं जहर खाकर मर लूंगी।”
– अप्रैल 2025: ज्योति ने खुलासा किया कि 7 सालों में पवन ने उन्हें “कुछ नहीं दिया” और वे चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं।
– आरा कोर्ट में तलाक का केस चल रहा है, लेकिन ज्योति रिश्ता बचाने की कोशिश कर रही हैं। मार्च 2025 में उन्होंने वेडिंग एनिवर्सरी पर पवन को बधाई दी थी।
पवन सिंह ने इन आरोपों पर अब तक सार्वजनिक चुप्पी साध रखी है। उनके करीबी का कहना है कि रिश्तों में सुधार हो रहा है, लेकिन हालिया घटनाएं उल्टा इशारा कर रही हैं।
करणी सेना का हस्तक्षेप
‘करणी सेना भारत’ (राजपूत संगठन) ने ज्योति को राजपूत बेटी बताते हुए उनका साथ दिया। अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह ने कहा, “ज्योति ने हर कदम पर पवन का साथ दिया, लेकिन बदले में सिर्फ दर्द मिला। पवन को अल्टीमेटम है- इंसाफ करो, वरना हम कार्रवाई करेंगे।” संगठन ने ज्योति को कानूनी और सामाजिक मदद का आश्वासन दिया। यह पहली बार नहीं जब करणी सेना ने महिलाओं के मुद्दे पर आवाज उठाई हो; पहले ‘पद्मावत’ विवाद में भी वे चर्चा में रहे।
राजनीतिक कोण
यह विवाद बिहार चुनाव के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। पवन 5 अक्टूबर को भाजपा में शामिल होने वाले थे और आरा से टिकट की दौड़ में हैं। ज्योति ने भी रोहतास जिले में सक्रियता दिखाई है और चुनाव लड़ने का संकेत दिया है। विपक्षी नेता अखिलेश यादव ने पहले करणी सेना को “भाजपा की सेना” कहा था, जो इस मामले को और राजनीतिक रंग दे सकता है।
आगे क्या?
2 दिन बाद कोर्ट में अहम सुनवाई है, जहां गवाही होनी है। ज्योति की भावुक अपील और करणी सेना का समर्थन विवाद को और गहरा सकता है। पवन का कोई बयान न आने से अफवाहें तेज हैं।
