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जीएसटी कटौती का कमाल: कारों-टू-व्हीलर्स की बिक्री में उछाल, डीलर्स के पास बुकिंग का अंबार

जीएसटी कटौती का कमाल: कारों-टू-व्हीलर्स की बिक्री में उछाल, डीलर्स के पास बुकिंग का अंबार

जीएसटी 2.0 सुधारों ने ऑटोमोबाइल सेक्टर को नई जान फूंक दी है। 22 सितंबर से लागू हुई कटौती के बाद छोटी कारों और एंट्री-लेवल टू-व्हीलर्स पर 28% से घटकर 18% जीएसटी लगने से कीमतों में 8-10% तक की कमी आई है। नतीजा? देशभर के डीलर्स के पास बुकिंग का ढेर लग गया है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के आंकड़ों के मुताबिक, 20-21 सितंबर को ही कारों की बिक्री में 15% और टू-व्हीलर्स में 20% की तेजी दर्ज की गई। त्योहारों के सीजन में यह उछाल बाजार को रफ्तार पकड़ने का संकेत दे रहा है, जो महामारी के बाद की सुस्ती से उबरने में मददगार साबित हो सकता है।

मुख्य लाभार्थी छोटे वाहन हैं। मारुति सुजुकी ने अपने पॉपुलर मॉडल्स—अल्टो K10, स्विफ्ट, डिजायर, ब्रेजा और फ्रॉन्क्स—पर 1.29 लाख रुपये तक की छूट की घोषणा की। कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, “ग्राहक पूर्ण लाभ ले रहे हैं। हमने 48 घंटों में 50,000 से ज्यादा बुकिंग्स रिकॉर्ड कीं।” इसी तरह, ह्युंडई ने i10, ग्रैंड i10 नियोस और एक्सेंट पर 80,000-1 लाख की कटौती की, जिससे पहले खरीदारों की भीड़ उमड़ी। टाटा मोटर्स की नेक्सॉन और पंच पर 90,000 रुपये की बचत ने SUV सेगमेंट को भी गति दी। इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) पर 5% GST बरकरार रहने से टाटा टिगोर EV और MG ZS EV की डिमांड में 25% इजाफा हुआ। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस महीने ऑटो सेल्स 12-15% बढ़ सकती है, जो FY26 की शुरुआती सुस्ती (कार सेल्स -1%, टू-व्हीलर्स -4%) को उलट देगी।

टू-व्हीलर्स सेक्टर में भी खुशी की लहर है। हीरो मोटोकॉर्प ने स्प्लेंडर, पैशन और ग्लैमर पर 5,000-10,000 रुपये की कमी की, जबकि बजाज ने पल्सर NS 200 पर 8,000 रुपये बचाए। यामाहा ने घोषणा की कि पूर्ण GST लाभ ग्राहकों को मिलेगा, जिससे मॉडल-वाइज सेविंग्स 3,000-7,000 रुपये तक हैं। SIAM के अनुसार, 21 सितंबर तक दोपहिया बिक्री में 22% ग्रोथ हुई, खासकर ग्रामीण बाजारों में। एक डीलर ने बताया, “पहले महीने में 200 बुकिंग्स होती थीं, अब 500 से ऊपर पहुंच गईं। लोग दिवाली-दशहरा से पहले खरीदारी कर रहे हैं।” हालांकि, लग्जरी कारों और बड़े SUV पर 40% GST लगने से कीमतें थोड़ी बढ़ी हैं, लेकिन ओवरऑल सेक्टर को फायदा ही हुआ है।

यह कटौती जीएसटी काउंसिल की 3 सितंबर की बैठक का नतीजा है, जहां छोटे वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। नोटिफिकेशन 09/2025-CTR (17 सितंबर) के तहत कंपेंसेशन सेस हटा दिया गया, जो पहले 1-22% था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “यह आम आदमी के लिए दिवाली तोहफा है।” इंडस्ट्री एनालिस्ट्स का कहना है कि इससे एमएसएमई और जॉब क्रिएशन को बूस्ट मिलेगा। HSBC की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार को 4-5 बिलियन डॉलर का राजस्व नुकसान हो सकता है, लेकिन लॉन्ग टर्म में इकोनॉमी को फायदा।

डीलर्स उत्साहित हैं, लेकिन चेतावनी भी दे रहे हैं। मुंबई के एक शोरूम ओनर ने कहा, “बुकिंग्स बढ़ीं, लेकिन इन्वेंटरी मैनेजमेंट चैलेंजिंग है।” ग्राहक वेट-एंड-वॉच मोड से बाहर आ रहे हैं, जो पहले टैक्स कट की अफवाहों से रुके थे। क्या यह ट्रेंड त्योहारों तक चलेगा? विशेषज्ञ हां कहते हैं, क्योंकि 18% स्लैब से कारों की एक्स-शोरूम प्राइस 1-2 लाख सस्ती हो गई। ऑटो सेक्टर, जो GDP का 7% योगदान देता है, अब रिकवरी की राह पर है।

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